फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: 10 दिन में शुरू होगा भूपानी डॉग शेल्टर का निर्माण, राहत की उम्मीद

विज्ञापन
विज्ञापन
1.78 करोड़ की परियोजना की कागजी प्रक्रिया पूरी, 8 महीने में तैयार होगा 1000 कुत्तों की क्षमता वाला आधुनिक केंद्र
विज्ञापन



अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में लावारिस कुत्तों के बढ़ते आतंक और डॉग बाइट की घटनाओं से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। नगर निगम ने भूपानी गांव में बनने वाले हाईटेक डॉग शेल्टर की सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और अगले 10 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। करीब 1.78 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक शेल्टर 1000 कुत्तों की क्षमता वाला होगा। इसके शुरू होने से शहर में लावारिस कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

लंबे समय से प्रस्ताव और प्रशासनिक प्रक्रिया में चल रही यह परियोजना अब धरातल पर उतरने जा रही है। नगर निगम ने निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और अगले 10 दिनों में कार्य शुरू कर दिया जाएगा। शहर की विभिन्न कॉलोनियों और सेक्टरों से लगातार मिल रही शिकायतों के बीच इस परियोजना के शुरू होने से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन


आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा

भूपानी गांव में गोशाला के निकट एक एकड़ भूमि पर बनने वाले इस डॉग शेल्टर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां मजबूत सीमेंट कंक्रीट फ्लोरिंग, सुरक्षित शेड, जीएस शीट की छत, पानी की व्यवस्था के लिए सबमर्सिबल पंप, अलग बिजली कनेक्शन और पूरे परिसर में एलईडी लाइटिंग की सुविधा होगी। कर्मचारियों के लिए पोर्टा केबिन भी बनाए जाएंगे।
नसबंदी और टीकाकरण से नियंत्रित होगी संख्या

परियोजना का मुख्य उद्देश्य केवल लावारिस कुत्तों को आश्रय देना नहीं, बल्कि उनकी संख्या को वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित करना भी है। शेल्टर में कुत्तों की नियमित नसबंदी और टीकाकरण किया जाएगा, जिससे रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

1000 कुत्तों की क्षमता, भविष्य में बढ़ाई जाएगी सुविधा

प्रस्तावित डॉग शेल्टर में एक समय में करीब 1000 कुत्तों को रखने की क्षमता होगी। नगर निगम का मानना है कि भविष्य में आवश्यकता बढ़ने पर इस केंद्र का विस्तार भी किया जा सकता है, ताकि शहर में आवारा कुत्तों के वैज्ञानिक प्रबंधन की व्यवस्था और मजबूत हो सके।

लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग होगी पूरी

आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासी लंबे समय से लावारिस कुत्तों की समस्या को लेकर प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे थे। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। ऐसे में निर्माण कार्य शुरू होने से लोगों को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में शहर की सड़कों पर लावारिस कुत्तों का आतंक कम होगा और आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा बेहतर होगी।
विज्ञापन




डॉग शेल्टर की सभी कागजी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं, परियोजना लोगों को लावारिस कुत्तों की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी
-डालचंद, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें