नए प्रावधानों में पंचायतों के अधिकार समाप्त करने का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने और इसके मूल प्रावधानों में बदलाव किए जाने के विरोध में शुक्रवार को सेक्टर-9 स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस सेवादल की चेयरपर्सन पूनम चौहान और जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक सहित वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।
प्रेस वार्ता में पूनम चौहान ने कहा कि कांग्रेस द्वारा पूरे देश में मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार नए नियमों के जरिये मजदूरों के काम करने के संवैधानिक अधिकार को छीन रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में हर परिवार को न्यूनतम 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी थी और हर गांव में रोजगार उपलब्ध कराया जाता था जबकि नए प्रावधानों में पंचायतों के अधिकार समाप्त किए जा रहे हैं और काम केवल केंद्र सरकार द्वारा चुने गए गांवों तक सीमित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पुराने नियमों में पूरे वर्ष काम की मांग की जा सकती थी और न्यूनतम मजदूरी की कानूनी गारंटी थी, लेकिन नए नियमों में फसल कटाई के मौसम में काम नहीं मिलेगा और मजदूरी भी केंद्र सरकार अपनी मर्जी से तय करेगी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने केंद्र सरकार से मांग की कि मनरेगा में किए गए सभी बदलाव तत्काल वापस लिए जाएं। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता योगेश ढींगरा, सरदार हरजीत सेवक, विनोद कौशिक, पीसीसी डेलीगेट प्रियंका अग्रवाल, रेनू चौहान, अशोक रावल, गौरव ढींगरा, संजय त्यागी, बाबूलाल रवि, मनोज अग्रवाल आदि लोग मौजूद रहे।