एआई के दौर में कंप्यूटर के ज्ञान से वंचित हो रहे छात्र
जिले के 40 फीसदी राजकीय विद्यालयों की लैब में खराब पड़े हैं कंप्यूटर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में राजकीय विद्यालयों की कंप्यूटर शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के इस दौर में भी हजारों छात्र कंप्यूटर के ज्ञान से वंचित हो रहे हैं। जिले के 70 सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित की गई थीं, लेकिन इनमें से लगभग 40 फीसदी लैब के कंप्यूटर वर्षों से खराब पड़े हैं। इससे छात्रों की तकनीकी शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
कंप्यूटर शिक्षा आज के समय की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। आधुनिक रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाएं और तकनीकी क्षेत्र में दक्षता के बिना किसी भी छात्र की योग्यता अधूरी मानी जाती है। इसी उद्देश्य से वर्ष 2011 में सरकार ने जिले के 70 स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित की थीं।
कंप्यूटरों की देखरेख व संचालन का ठेका हारट्रॉन कंपनी को दिया गया था। लेकिन ठेका समाप्त होने के बाद कंपनी सभी सीपीयू अपने साथ ले गई और केवल मॉनिटर छोड़कर चली गई। इसके बाद किसी नई कंपनी को जिम्मेदारी नहीं दी गई, जिसके कारण कई लैब लगभग आठ वर्षों से बंद पड़ी हैं।
कंप्यूटर लैब बंद होने से राजकीय विद्यालयों के बच्चों को निजी कंप्यूटर संस्थानों का रुख करना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर तबके के बच्चे इस आधुनिक शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, जबकि निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी तकनीक का बेहतर उपयोग कर पा रहे हैं। इससे शैक्षिक असमानता और बढ़ गई है।
सबसे बड़ा सरकारी स्कूल भी लैब से वंचित
सराय ख्वाजा स्थित विद्यालय जिले का सबसे बड़ा स्कूल है, इसमें भी कंप्यूटर वर्षों से बंद हैं। यहां करीब पांच हजार छात्र प्रतिदिन पढ़ाई करते हैं, लेकिन कंप्यूटर लैब नहीं होने के कारण उन्हें केवल किताबों पर आधारित पारंपरिक शिक्षा ही मिल पाती है। फरीदाबाद खंड के 49 वरिष्ठ माध्यमिक और हाई स्कूल में से 35 में कंप्यूटर लैब तो हैं, लेकिन उनमें भी लगभग 20 लैब में कंप्यूटर खराब पड़े हैं।
इस संबंध में उप जिला शिक्षा अधिकारी संदेश सोलंकी का कहना है कि विद्यालय के मुखिया खराब पड़े कंप्यूटरों को फंड से ठीक करवा सकते हैं। प्रशासन द्वारा स्कूल के कार्यों के लिए विशेष फंड जारी किया जाता है।