नगर निगम मरम्मत के लिए खर्च करेगा करोड़ों, 12 महीने तक तैनात रहेंगी विशेष टीमें
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। नगर निगम शहर की खराब सड़कों की सूरत बदलने के लिए विशेष टीम का चयन कर रहा है। इसके लिए निगम की तरफ से करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़कों के सुधार को लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद निगम म्हारी सड़क पोर्टल और सोशल मीडिया के जरिए मिलने वाली शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए अलग से विशेष टीम तैनात कर रहा है। अब शहरवासियों को टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे बल्कि डिजिटल माध्यम से की गई शिकायत पर सीधे मौके पर कार्रवाई होगी।
नगर निगम ने इस बार शिकायतों के निपटारे के लिए बाहरी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है। चुनी गई एजेंसी को अगले 12 महीनों तक शहर में सक्रिय रहना होगा। अक्सर देखा जाता है कि लोग ट्विटर या फेसबुक पर शिकायत तो दर्ज कर देते हैं लेकिन उन पर अमल होने में काफी समय लग जाता है। इस समस्या को खत्म करने के लिए अब पोर्टल से जुड़ी एक समर्पित टीम होगी जो शिकायत मिलते ही मरम्मत का काम शुरू करेगी। इस पूरी प्रक्रिया की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी ताकि जवाबदेही तय हो सके।
आधुनिक मशीनरी और तकनीकी का होगा इस्तेमाल
काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एजेंसी को आधुनिक उपकरणों का उपयोग करना होगा। निगम ने स्पष्ट किया गया है कि सड़कों की कटिंग के लिए इलेक्ट्रिक कटर और सामग्री ले जाने के लिए टाटा टेम्पो एस या उसके समकक्ष वाहन रखना अनिवार्य है। इसके अलावा सड़क खुदाई के दौरान पाइपलाइन या केबल कटने की समस्या को रोकने के लिए कॉल बिफोर यू डिग (क्यूब) मोबाइल ऐप का उपयोग करना होगा। इससे सरकारी संपत्ति को नुकसान कम होगा और काम में पारदर्शिता आएगी।
मलबे के निपटान पर सख्त नियम
सड़क मरम्मत के बाद अक्सर जिम्मेदार पत्थर और मिट्टी का मलबा वहीं छोड़ देते हैं जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। इस बार नियम कड़े किए गए हैं। एजेंसी को काम खत्म होते ही मलबे को 10 किलोमीटर के दायरे में निर्धारित डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाना होगा। यदि सड़क पर मलबा पड़ा मिला तो एजेंसी पर भारी जुर्माना लगाने और भुगतान रोकने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
पहले से भी चल रही है एक व्यवस्था
आपको बताते चलें कि निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने फरीदाबाद में पहले से ही दो वैन तैनात की है जो रोजाना सड़क के गड्ढे भरने का काम करती है। अब इस काम का दायरा बढ़ाया जा रहा है। अब एक ही टीम पोर्टल व सोशल मीडिया पर शिकायत दर्ज करने के साथ गड्ढे को भरने का काम करेगी व शिकायत को बंद करने का काम करेगी। वहीं अधिकारी टीम के काम पर नजर रखेंगे।
फरीदाबाद का मॉडल दिल्ली में भी किया गया है पसंद
आपको बताते चलें कि फरीदाबाद में नगर निगम की तरफ से चलाए जा रही गड्ढा रिपेरिंग वैन की तकनीक को अन्य क्षेत्रों में भी काफी पंसद किया जा रहा है। दिल्ली में भी कुछ दिन पहले केंद्रीय स्तर की बैठक में इस मॉडल को पंसद किया गया था इसके बाद दिल्ली में भी यही व्यवस्था लागू की गई है।
लोगों की सुविधा के लिए निगम की तरफ से हर स्तर पर काम किया जा रहा है। जल्द ही यह नई व्यवस्था भी शुरू कर दी जाएगी। - धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त