फरीदाबाद। अजरौंदा और दौलताबाद गांव में राजस्व विभाग की ओर से शनिवार को दोबारा निशानदेही का काम पूरा हो गया है। मौके पर जमीन के पुराने नंबर तलाश लिए गए हैं। अब अधिकारी पुराने नंबरों से अपने नए नंबरों का मिलान करेंगे। इसके बाद निशानदेही की रिपोर्ट प्रशासक प्रदीप दहिया के माध्यम से मुख्य प्रशासक को भेजी जाएगी। वहां से दोनों गांव के ग्रामीणों को 400 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के दो साल बाद भी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा ग्रामीणों को 400 करोड़ रुपये मुआवजा नहीं दिया जा सका है। इससे नाराज ग्रामीण अब 14 दिसंबर से प्राधिकरण के कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। किसानों का आरोप है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से अभी तक निशानदेही की रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। जब तक मुआवजा नहीं मिल जाएगा, उनका धरना जारी रहेगा। उनका आरोप है कि सितंबर में शुरू किए गए धरने को भी आश्वासन देकर समाप्त करा दिया गया था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।