राजस्व विभाग द्वारा नई दरें तय करने की प्रक्रिया की गई है शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले में जमीन के कलेक्टर रेट एक बार फिर बढ़ने की तैयारी शुरू हो गई है। राजस्व विभाग द्वारा नई दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद फरीदाबाद सहित हरियाणा के कई जिलों में दोबारा बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बड़ी बढ़ोतरी की गई थी जिसके कारण रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी महंगी हो गई थी।
राज्य स्तर पर सभी तहसीलों से नई दरों के प्रस्ताव मांगे गए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार इस बार भी विकास वाले क्षेत्रों, मुख्य सड़कों से सटी जमीन, नहर किनारे के गांवों और शहरी सीमा से लगे इलाकों में ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और झज्जर जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिलों में कलेक्टर रेट संशोधन पर विशेष फोकस रखा गया है।
पिछले साल 10 से 50 प्रतिशत तक बढ़े थे रेट
फरीदाबाद में पिछली बार कलेक्टर दरों में कई इलाकों में 10 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी। तिगांव, बल्लभगढ़, दयालपुर, चंदावली, फफूंडा, जुन्हेड़ा, अटाली और नीमका जैसे क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट सबसे ज्यादा बढ़ाए गए थे। रोड से सटी और नहर किनारे की जमीनों में अधिक वृद्धि की गई थी क्योंकि इन क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं ज्यादा मानी गई थीं।
रिहायशी कॉलोनियों में औसतन 10 से 20 प्रतिशत और व्यावसायिक क्षेत्रों में 15 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई थी। लाइसेंस्ड कॉलोनियों और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट वाले सेक्टरों में कुछ जगहों पर दरें 50 प्रतिशत तक बढ़ाई गई थीं।
इस बार भी विकास वाले क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
अधिकारियों के अनुसार नई दरें तय करते समय शहर के विस्तार, मेट्रो और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, औद्योगिक क्षेत्र और नई कॉलोनियों को ध्यान में रखा जाएगा। ग्रेटर फरीदाबाद, बल्लभगढ़ क्षेत्र, आईएमटी, तिगांव बेल्ट, मोहना रोड, जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से जुड़े गांव और शहरी सीमा से लगे इलाकों में ज्यादा संशोधन संभव माना जा रहा है।
नहर किनारे के गांवों और मुख्य सड़कों से सटे क्षेत्रों की दरें भी दोबारा बढ़ सकती हैं क्योंकि इन जगहों पर जमीन की खरीद-फरोख्त तेजी से बढ़ी है।
आम लोगों पर पड़ेगा सीधा असर
कलेक्टर रेट बढ़ने का सबसे बड़ा असर प्रॉपर्टी खरीदने वालों पर पड़ता है। रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क कलेक्टर रेट के आधार पर तय होते हैं इसलिए दर बढ़ने से जमीन और मकान खरीदना महंगा हो जाता है। हालांकि जमीन मालिकों और किसानों के लिए यह बढ़ोतरी फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि उनकी संपत्ति की सरकारी कीमत बढ़ जाती है।
इन जिलों में हो सकती है अधिक बढ़ोतरी
राजस्व विभाग की तैयारी के अनुसार फरीदाबाद के साथ-साथ गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर में अधिक कलेक्टर रेट बढ़ाए जा सकते हैं। ये सभी जिले तेजी से विकसित हो रहे हैं इसलिए यहां जमीन की सरकारी कीमतों को बाजार दर के करीब लाने की योजना बनाई जा रही है। अगर नई दरें लागू होती हैं तो फरीदाबाद में लगातार दूसरे साल कलेक्टर रेट बढ़ेंगे जिससे रियल एस्टेट बाजार पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।