- खेल महानिदेशक के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। खेल महानिदेशक की ओर से जिले की खेल नर्सरियों में खिलाड़ी और कोच के लिए बॉयोमीट्रिक हाजिरी को अनिवार्य कर दिया गया है। मंगलवार को बॉयोमीट्रिक प्रशिक्षकों ने खिलाड़ी और कोचों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न खेल नर्सरियों के कोचों और कुछ खिलाड़ियों को इसके इस्तेमाल की प्रक्रिया समझाई गई। खेल महानिदेशक और जिला खेल अधिकारियों के बीच मंगलवार को हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया था।
बता दें कि सरकार की तरफ से खेल एवं खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए खेल नर्सरी योजना चलाई गई है। अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को सरकार की ओर से बेहतर डाइट के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसमें आठ से 14 वर्ष तक के खिलाड़ियों को 1500 रुपये, वहीं 15 से 18 वर्ष के खिलाड़ियों को दो हजार रुपये प्रत्येक महीने दिए जाते हैं। जिले में अभी आठ स्कूलों में नर्सरियां चल रही हैं जबकि एक स्कूल में प्रशिक्षक न होने के कारण वह बंद है। नर्सरियों की व्यवस्था को सुधारने के लिए खेल महानिदेशक ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया था।
यहां बनी हैं नर्सरियां
मोठूका गांव के जवाहर नवोदय विद्यालय में हैंडबॉल की नर्सरी दी गई है। वहीं, एनआईटी तीन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भी हैंडबॉल की नर्सरी है। चंदावली गांव के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वॉलीबॉल की नर्सरी जारी की गई है। गढ़खेड़ा गांव के स्कूल में एथलीट नर्सरी की सुविधा प्रदान की गई है। सीही गांव के जीएसएस विद्यालय में हॉकी की नर्सरी सरकार ने प्रदान की है, जबकि बल्लभगढ़ के जीएसएस विद्यालय में जूडो की नर्सरी है। ग्राम पंचायत पाली में एथलीट और कबड्डी की नर्सरी है। इसके अलावा राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में फुटबॉल की नर्सरी दी गई है।
वर्जन
आठ सितंबर तक प्रत्येक नर्सरियों में यह बॉयोमीट्रिक हाजिरी लग जाना अनिवार्य है। उसके बाद से कोच और खिलाड़ी हाजिरी के लिए इसी तकनीक का इस्तेमाल करेंगे।
- आशा रानी, कार्यकारी जिला खेल अधिकारी