जिला अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
एसजीएम नगर थाने में 15 फरवरी 2022 को दर्ज हुई थी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। युवती के अपहरण के दोषी सहपाठी परवेज मुशर्रफ को जिला अदालत ने 5 साल कैद की सजा सुनाई है। पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय शर्मा की अदालत ने दोषी करार दिया। पैनल अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एसजीएम नगर थाने में ये एफआईआर 15 फरवरी 2022 को दर्ज हुई थी। युवती के पिता ने पुलिस को बयान दिया कि वो सिलाई का काम करते हैं। उनकी बेटी फरवरी 2022 में अपनी मौसी के घर ओल्ड फरीदाबाद गई हुई थी। 15 फरवरी 2022 को बेटी अपनी मौसी के साथ कोविड की वैक्सीन लगवाने गई थी। मौसी शौचालय से बाहर निकली तो युवती गायब थी। सूचना पिता को मिली तो पुलिस को शिकायत दी गई। जिस पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने 25 फरवरी 2022 को युवती को नूंह के फिरोजपुर नमक से ढूंढा और आरोपी परवेज मुशर्रफ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि शादी का झांसा देकर वो युवती को भगा ले गया था। दोनों एक साथ 10वीं क्लास तक पढ़ चुके हैं। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजने के बाद चालान अदालत में पेश किया। जिसमें 15 गवाह बनाए गए। सरकारी वकील सिद्धार्थ शर्मा ने सभी गवाहों की गवाही कराई। अब अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।