चुनाव ड्यूटी के चलते स्कूल में स्टाफ की थी भारी कमी
जानकारी के अनुसार, गांव शाहपुरा के सरकारी स्कूल की प्राइमरी शाखा वर्तमान में सेक्टर-62 आशियाना में संचालित होती है, जहां कक्षा पांचवीं तक के छोटे बच्चे पढ़ाई करते हैं। स्कूल के शिक्षक उपकार ने बताया कि वर्तमान में चल रहे मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के कारण स्कूल की दो महिला अध्यापिकाओं की ड्यूटी चुनाव कार्य में लगी हुई है। स्टाफ की इस कमी के कारण शुक्रवार को स्कूल में केवल दो शिक्षक ही मौजूद थे, जिनके जिम्मे पूरे स्कूल के बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी थी।
मिड-डे मील के समय मौका पाकर बाहर निकले बच्चे
शिक्षक उपकार के मुताबिक, शुक्रवार सुबह स्कूल सुचारू रूप से शुरू हुआ था। सुबह करीब 10 बजे वह खुद दूसरे कक्षा-कक्ष में बच्चों को पढ़ा रहे थे, जबकि स्कूल की दूसरी महिला शिक्षिका एक सहायक कर्मचारी के साथ मिलकर बच्चों के लिए दोपहर का भोजन (मिड-डे मील) तैयार करवा रही थीं। इसी दौरान चौथी कक्षा में पढ़ने वाला आठ वर्षीय छात्र रेहान कुछ अन्य बच्चों के साथ स्कूल के मुख्य गेट के पास आकर खड़ा हो गया। शिक्षकों की व्यस्तता का फायदा उठाकर रेहान और उसके साथी चुपके से स्कूल परिसर से बाहर निकल गए।
दोस्तों ने शोर मचाया तो दौड़े स्थानीय लोग और शिक्षक
स्कूल के ठीक पास ही एक खाली प्लॉट मौजूद है, जहां पिछले दिनों हुई बरसात के कारण पानी से भरा एक गहरा और खतरनाक गड्ढा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि उमस और गर्मी के कारण मासूम रेहान नहाने के इरादे से उस गड्ढे में उतर गया, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह अचानक गहरे पानी में समाने लगा और डूबने लगा। रेहान को डूबता देख किनारे पर खड़े उसके दोस्तों ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। बच्चों का शोर सुनकर स्कूल के शिक्षक और आसपास के लोग तुरंत मौके की तरफ दौड़े। शिक्षकों के पहुंचने से पहले ही मुस्तैद स्थानीय निवासियों ने फुर्ती दिखाते हुए पानी में छलांग लगाई और रेहान को बेसुध हालत में बाहर निकाल लिया।
पिता की मौत के बाद मजदूरी कर मां पाल रही है परिवार
पीड़ित बच्चे रेहान की मां असरीन ने रोते हुए बताया कि उसके पति की कई वर्ष पहले ही मृत्यु हो चुकी है। पति के गुजर जाने के बाद वह अकेले ही मेहनत-मजदूरी करके बेहद तंगहाली में अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। उसने रोते हुए कहा कि उसे क्या पता था कि जिस बच्चे को वह सुबह सही-सलामत स्कूल पढ़ने भेज रही है, वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ने लगेगा। इस हादसे के बाद से पीड़ित मां और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
अधिकारी क्या बोले?
मामला हमारे संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। -संदेश सोलंकी, डिप्टी डीईओ फरीदाबाद