अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जब तक सुविधा नहीं हो जाती तब तक मुश्किलों का करना पड़ेगा सामना
सीढ़ियों और रैंप से जाने को मजबूर मरीज, बुजुर्गों, विकलांगों और गंभीर रोगियों को ज्यादा परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। नागरिक अस्पताल में मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में छह लिफ्ट बनाई गई थीं, जिनमें से चार पहले ही बंद पड़ी थीं, और अब बची हुई दो लिफ्टें भी काम करना बंद कर चुकी हैं। इससे मरीजों, विशेष रूप से बुजुर्गों, विकलांगों और गंभीर रोगियों को अस्पताल में इधर-उधर जाने में परेशानी हो रही है।
स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब मरीजों को व्हीलचेयर की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन अस्पताल में उपलब्ध व्हीलचेयर भी या तो खराब हैं या टूटी हुई हैं। ऐसे में मरीजों को मजबूरन रैंप या सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनकी तकलीफें और बढ़ जाती हैं। खासतौर पर प्लास्टर किए गए मरीजों को अस्पताल में इधर-उधर जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में आने वाले कई मरीजों ने लिफ्ट की खराबी और व्हीलचेयर की अनुपलब्धता पर नाराजगी जताई है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को इस समस्या का तुरंत समाधान निकालना चाहिए, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लिफ्ट को जल्द से जल्द ठीक करवाने की प्रक्रिया जारी है और मरीजों की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्हीलचेयर की व्यवस्था भी की जा रही है। लेकिन जब तक यह समस्या हल नहीं होती, तब तक मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
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लिफ्ट बंद होने के कारण मुझे अपने भाई को मजबूरन व्हीलचेयर पर बैठाकर रैंप से जाना पड़ा, जिससे मेरे पैरों में भी दर्द होने लगा। - नरेश कौशिक
व्हीलचेयर भी खराब पड़ी थी, बुजुर्ग मरीजों के लिए कोई सुविधा नहीं है, प्लास्टर के बाद मरीजों का चलना मुश्किल है, लेकिन लिफ्ट बंद होने से सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ा रहा है। - जोगिंद्र
लिफ्ट के इंजीनियरों को सूचना दे दी गई है, वे एक-दो दिन में तकनीकी समस्या को ठीक कर लिफ्ट चालू कर देंगे। - डॉ. सुरेश बडोली