- टायर से लेकर इंजन तक का सामान नहीं मिल रहा, मैकेनिक जुगाड़ से चला रहे बसें
- कई रूटों पर एक-दो बसों का संचालन बंद, सुबह-शाम यात्रियों को करना पड़ रहा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की सिटी बस सेवा स्पेयर पार्ट्स की कमी से प्रभावित हो रही है। बल्लभगढ़ बस डिपो से संचालित 50 सिटी बसों में से करीब 12 बसें खराब होने के कारण खड़ी हैं। किसी बस में टायर की समस्या है, तो किसी में इंजन समेत अन्य जरूरी उपकरणों की जरूरत है। समय पर स्पेयर पार्ट्स नहीं मिलने से बसों की मरम्मत में देरी हो रही है और इसका सीधा असर यात्रियों की सुविधा पर पड़ रहा है।
एफएमडीए की ओर से डिपो से 10 रूटों पर 50 बसों का संचालन किया जा रहा था। इनमें से करीब नौ महीने से सड़क खराब होने के कारण दो रूट बंद हैं। वहीं, शेष रूटों पर चलने वाली बसों में भी लगातार खराबी सामने आ रही है। डिपो में मरम्मत के लिए जरूरी सामान उपलब्ध नहीं होने की जानकारी कई बार उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाई जा चुकी है। इसके बावजूद पर्याप्त स्पेयर पार्ट्स नहीं मिलने से समस्या बनी हुई है।
दूसरी बसों से निकालकर लगाए जा रहे टायर
बसों पर काम करने वाले मैकेनिकों के अनुसार इंजन में इस्तेमाल होने वाले कई जरूरी स्पेयर पार्ट्स कंपनी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में ठीक बसों से टायर और अन्य इस्तेमाल योग्य सामान निकालकर खराब बसों में लगाए जा रहे हैं। कई बार दूसरी बसों या अन्य कंपनी के पार्ट्स के सहारे बसों को चलाने का प्रयास किया जाता है। इसके बावजूद कुछ बसें रूट पर चलने के बाद दोबारा खराब हो जाती हैं।
916 रूट से दो बसें हटाईं
बसों की कमी का असर विभिन्न रूटों पर दिखाई दे रहा है। 916 रूट, जो बल्लभगढ़ से चांदपुर जाता है, से दो बसें हटाई गई हैं। बल्लभगढ़-मंझावली 909 रूट से एक बस हटाई गई है। वहीं 903 और 904 रूट से भी दो-दो बसों का संचालन बंद किया गया है। ये दोनों रूट बल्लभगढ़ से बदरपुर बॉर्डर तक राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के रास्ते संचालित होते हैं। अन्य रूटों पर भी बसों की संख्या कम की गई है।
विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को ज्यादा परेशानी
बसों की संख्या कम होने से सुबह और शाम के समय यात्रियों को अधिक इंतजार करना पड़ रहा है। कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को समय पर बस नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। यात्रियों का कहना है कि डिपो में पहले ही बसों की संख्या सीमित है। ऐसे में खराब बसों की समय पर मरम्मत नहीं होने से उपलब्ध बसों में भीड़ बढ़ रही है।
सिटी बस इंचार्ज अंकित ने बताया कि बसों को ठीक करने का काम किया जा रहा है। कई बार स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं होने के कारण बसों की मरम्मत में समय लग जाता है।