संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को लाभ न दिए जाने की शिकायत पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने जांच अभियान चलाया। इस कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने सिविल सर्जन कार्यालय को सूचित कर एक टीम गठित की। टीम में जिला नोडल अधिकारी (आयुष्मान भारत योजना) डॉ. विशाल सक्सेना और जिला सूचना प्रबंधक तानिया रानी को शामिल किया गया।
रिकॉर्ड के अनुसार, जिले के 22 निजी अस्पताल इस योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। टीम ने पिछले तीन महीनों के उपचार रिकॉर्ड की जांच की और कुछ अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सूर्या ऑर्थो अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत कोई भी मरीज भर्ती नहीं पाया गया। वहीं, एनआईटी-3 स्थित संतोष अस्पताल में भी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, जहां पात्र मरीज को लाभ न दिया गया हो, लेकिन अस्पताल में योजना से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं लगा मिला। इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद टीम ने रेलवे रोड स्थित डॉ. टूडे आईवीएफ अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां कुल छह मरीज भर्ती मिले, जिनमें एक पात्र मरीज से आयुष्मान योजना के बावजूद नकद राशि लेकर भर्ती किए जाने का मामला सामने आया। टीम ने अस्पताल प्रबंधन को तुरंत राशि लौटाने के निर्देश दिए। सीएमओ कार्यालय ने इस मामले में संबंधित अस्पताल को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है।