पेंशन संबंधी कार्यों में मिली लापरवाही, रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने पेंशन बनाने में गड़बड़ी के आरोपों पर बुधवार को पेंशन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। लघु सचिवालय के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित कमरा नंबर-11 में टीम पहुंची और यहां विकलांग पेंशन और बुढ़ापा पेंशन से संबंधित आवेदनों के कार्य की जांच की। निरीक्षण के दौरान टीम को यहां कई कमियां मिलीं।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम को सूचना मिली थी कि लघु सचिवालय परिसर में पेंशन बनाने के कार्य में लापरवाही की जा रही है। इससे लोगों को परेशान हो रही है। इसी सूचना के आधार पर बुधवार को टीम ने कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। मौके पर जिला प्रबंधक, सीआरआईडी शाखा फरीदाबाद नीरज कुमार मौजूद मिले। उनसे शाखा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान हेल्प डेस्क शाखा पर बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं विकलांग पेंशन, बुढ़ापा पेंशन, पीपीआईडी और जन्मतिथि में सुधार से संबंधित कार्यों के लिए लाइन में खड़े मिले।
पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2025 में जन्मतिथि सुधार के लिए कुल 9183 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2752 आवेदन अभी भी लंबित हैं। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि आवेदकों को लंबित आवेदन की जानकारी देने के लिए कोई एसएमएस अलर्ट नहीं भेजा गया। नीरज ने बताया कि सभी योजनाओं के लंबित आवेदनों का पूरा विवरण मुख्यालय पंचकूला से प्राप्त किया जा रहा है, जिसके लिए पत्राचार किया गया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के अधिकारियों ने बताया निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं की अलग से रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है।