- स्कूल में कुल 27 अध्यापक में से 11 समय पर मिले हाजिर, रिपोर्ट भेजी शिक्षा विभाग को
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। राजकीय स्कूलों में शिक्षकों के साथ प्रधानाचार्य भी समय से नहीं पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुजेसर का औचक निरीक्षण किया गया। इसमें प्रधानाचार्य समेत चार शिक्षक नदारद मिले। जिले में करीब 400 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि सूचना मिली थी कि सरकारी स्कूलों में शिक्षक और प्रधानाचार्य समय से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। इस पर बृहस्पतिवार को एक टीम का गठन किया गया। टीम सुबह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुजेसर पहुंची। टीम ने निरीक्षण पर कुल 27 अध्यापक और अन्य स्टाफ तैनात होना पाया गया। निरीक्षण के दौरान 11 अध्यापक समय से हाजिर मिले। तीन अध्यापक सुबह 8:10 बजे, 4 अध्यापक 8:30 बजे तक आए। डीएसपी ने बताया कि प्रिंसिपल सहित चार अध्यापक गैर हाजिर मिले। कुछ अन्य अनियमितताएं भी सामने आई हैं। डीएसपी ने बताया कि स्कूल में साफ-सफाई समेत अन्य कमियां मिली हैं। उन्होंने बताया कि इसका ब्योरा शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा। डीएसपी ने बताया कि आगे भी सरकारी स्कूलों में औचक निरीक्षण किया जाएगा।
बोर्ड परीक्षा में परिणाम रहा था खराब
हरियाणा बोर्ड परीक्षा में 10वीं और 12वीं कक्षा में जिले का परिणाम काफी खराब था। दोनों परीक्षा परिणामों में जिला प्रदेश में 20 व 21वें स्थान पर रहा था। इससे जिले की काफी किरकिरी हुई थी और विभाग ने 50 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम आने वाले स्कूल मुखियाओं से स्पष्टीकरण मांगा था। स्कूल मुखियाओं को कारण भी बताना था कि परीक्षा परिणाम में गिरावट क्यों आई। ऐसे में इस साल विभाग रिजल्ट सुधार को लेकर कदम उठा रहा है लेकिन मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की कार्रवाई में एक बार फिर शिक्षकों की स्कूल से गायब रहने की बात सामने आई है। ऐसे में विभाग के शिक्षा में सुधार योजना को झटका लगा है।
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पलवल के डीईओ के पास है कार्यभार
जिले में सरकारी स्कूलों का नियमित देखरेख नहीं हो पा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी का पद खाली है और कार्यभार डीईओ पलवल अशोक बघेल को दिया गया है। ऐसे में डीईओ पलवल के पास फरीदाबाद का कार्य होने से स्कूलों के जांच कार्य प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षक संगठनों का कहना हैं कि सरकार जिले में शिक्षण व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। उनका कहना हैं कि अधिकारी दो जिले कैसे संभाल सकता है। ऐसे में स्कूलों में अराजकता का माहौल बना हुआ है। उनका कहना हैं कि जिले का 10वीं और 12वीं की पढ़ाई में कैसे सुधार होगा। इसके लिए टीचरों को ही दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
वर्जन-
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाचार्य समेत अन्य शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षक अपने व्यवहार में बदलाव लाए और समय पर स्कूल पर पहुंचे।
- अशोक कुमार बघेल, डीईओ