बल्लभगढ़। शहर में उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर आस्था और विश्वास के महापर्व चैती छठ पर्व का समापन हो गया। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में महिलाओं ने पूरे विधि-विधान से व्रत रखा और भगवान सूर्य तथा छठी मैया से अपने परिवार की सुख-समृद्धि का आशीष मांगा। सुबह चार बजे से ही विभिन्न घाटों पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। जहां श्रद्धालुजन गीत गाते हुए सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर रहे थे। भोजपुरी अवधी समाज के अध्यक्ष रघुवर दयाल और महामंत्री नरेश प्रसाद ने बताया कि इस पर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। पहले दिन कद्दू की सब्जी और चने की दाल बनती है, जिसे खाकर व्रत की शुरुआत की जाती है। दूसरे दिन खरना में गुड़ की खीर बनती है और उसके बाद से 36 घंटे का निर्जल उपवास शुरू हो जाता है। संवाद