पुलिस के अनुसार, पेट्रोल पंप के पास स्थित वर्कशॉप में दो टोयोटा फॉर्च्यूनर और दो स्कॉर्पियो में बुलेटप्रूफिंग का काम चल रहा था। दोनों स्कॉर्पियो में करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था, जबकि दोनों फॉर्च्यूनर में काम किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान वर्कशॉप संचालक प्रमोद कुमार से वाहनों को बुलेटप्रूफ बनाने से संबंधित अनुमति और एनओसी मांगी गई थी, लेकिन वह मौके पर दस्तावेज पेश नहीं कर सका था। इसके बाद वर्कशॉप संचालक की ओर से पुलिस को कुछ अनुमति संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने वर्कशॉप संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के इंस्पेक्टर भगत सिंह के अनुसार, वाहनों को बुलेटप्रूफ बनाने के लिए गृह मंत्रालय से लाइसेंस की आवश्यकता होती है।