फरीदाबाद। सरकार की रोक के बावजूद पंचायत के खाते से 15 लाख छह हजार रुपये निकलने व गलत रिकार्ड बनाने के आरोप में नीमका के ग्राम सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। खंड विकास अधिकारी की शिकायत पर थाना सदर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खंड विकास व पंचायत अधिकारी प्रदीप कुमार ने पुलिस को शिकायत में कहा कि सरकार ने तीस दिसंबर, 2020 को अधिसूचना जारी करते हुए पंचायत के पैसों की निकासी पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद नीमका गांव के तत्कालीन सरपंच रूपचंद व ग्राम सचिव परमजीत ने पंचायत के खाते से पंद्रह लाख छह हजार रुपये की राशि बिना किसी अनुमति के बैंकों से निकालकर पंचायत फंड का गबन किया है। 19 मई को जिला उपायुक्त कार्यालय की तरफ से परमजीत को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। आरोपी ने उसका संतोषजनक जवाब नही दिया। पंचायत रिकार्ड के अनुसार परमजीत ने निकाली गई रकम की कैशबुक में भी कोई एंट्री नही दिखाई है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत नीमका के रिकार्ड में बिल बाउचर इत्यादि भी नही पाये गए।
रजिस्टर की जांच में पाया गया कि परमजीत ने कुछ खाली कार्रवाई लिखकर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जो संदेह पैदा कर रहा है। 27 मई, 2021 को सरकार के नोटिफिकेशन अनुसार पंचायतों का कार्यकाल 23 फरवरी, 2021 को समाप्त होने के कारण समस्त ग्राम सचिवों को पत्र लिखकर अंतिम अवसर दिया गया था कि वे ग्राम पंचायतों का समस्त रिकार्ड कार्यालय मे जमा करवाएं। इसके बावजूद परमजीत ने रिकार्ड जमा नहीं करवाया।