दो नए पावर हाउस बनाए जाएंगे, औद्योगिक नगरी व आवासीय क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की बढ़ती आबादी और औद्योगिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने सेक्टर-46 स्थित 220 केवी सब-स्टेशन को और मजबूत बनाने की योजना तैयार की है। इसके तहत मौजूदा क्षमता 2x160 एमवीए से बढ़ाकर 3x160 एमवीए की जाएगी।
परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद निगम ने प्राथमिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। जल्द ही इसको लेकर कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। बतादें कि औद्योगिक और शहरी केंद्र फरीदाबाद में बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। सेक्टर-46 के सब-स्टेशन से आसपास की कॉलोनियों के साथ औद्योगिक इकाइयों को भी बिजली आपूर्ति की जाती है। इस कारण लोड क्षमता कई बार अधिकतम सीमा तक पहुंच जाती है, जिससे वोल्टेज में उतार-चढ़ाव और सप्लाई बाधित होने की समस्या सामने आती है। नई क्षमता जुड़ने से उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बिजली सप्लाई मिल सकेगी। सेक्टर-46 का सब-स्टेशन विस्तार न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी बड़ा कदम है। फरीदाबाद में लंबे समय से उपभोक्ता गर्मियों में बिजली कटौती की शिकायत करते रहे हैं। नई क्षमता जुड़ने से लोगों की शिकायतें कम होंगी और निवेश का माहौल भी बेहतर होगा। निगम ने साफ किया है कि काम तय नियमों और समयसीमा के भीतर पूरा करना होगा। किसी भी तरह की लापरवाही पर एजेंसी को जवाबदेह ठहराया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद इसकी सीधी निगरानी विभागीय इंजीनियरिंग टीम करेगी।
एनसीआर का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है फरीदाबाद
फरीदाबाद एनसीआर का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है। यहां पर हजारों छोटे-बड़े औद्योगिक यूनिट चलते हैं, जिनके लिए लगातार बिजली की आपूर्ति जरूरी है। इसके साथ ही सेक्टर-46 के सब-स्टेशन से करीब दर्जनों कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों को बिजली मिलती है। मौजूदा ढांचे पर लगातार दबाव बढ़ने के कारण अक्सर उपभोक्ताओं को वोल्टेज ड्रॉप, पावर कट और ट्रिपिंग की समस्या झेलनी पड़ती है। अधिकारियों ने बताया कि सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाने के साथ दो नए पावर हाउस भी बनाए जाएंगे। नए बनाए जाने वाले दोनों पावर हाउस को सेक्टर 46 से ही पावर सप्लाई दी जाएगी। दोनों पावर हाउस बनाने का प्रस्ताव भी पास हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि इन तीन कार्यों में करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। आने वाले साल में लोगों को इसका लाभ मिलना भी शुरू हो जाएगा।
शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक पर पड़ता है असर
बार-बार लगने वाले बिजली कट सिर्फ घरों तक की समस्या नहीं है बल्कि स्कूलों, अस्पतालों और दफ्तरों पर भी इसका असर पड़ता है। गर्मी के मौसम में बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और अस्पतालों में पंखे व कूलिंग सिस्टम बंद होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। फरीदाबाद में ऑटोमोबाइल, मशीनरी, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों से जुड़े हजारों यूनिट चल रहे हैं। इनका उत्पादन पूरी तरह बिजली पर निर्भर है। लोड शेडिंग और बार-बार कटौती से उत्पादन प्रभावित होता है, जिससे उद्योगों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। जानकारों का कहना है कि आने वाले पांच वर्षों में फरीदाबाद की बिजली खपत में 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी। नए आवासीय प्रोजेक्ट, सड़कों का विस्तार व बढ़ते व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिजली की मांग और बढ़ाएंगे। ऐसे में मौजूदा क्षमता बढ़ाना निगम की जरूरत बन गया है।
वर्जन
सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाने के लिए दो नए पावर हाउस भी बनाए जाएंगे। इससे लोगों को काफी लाभ मिलेगा। -उदय, कनिष्ठ अभियंता, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम