महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर जबकि पुरुषों में फेफड़ों और मुंह के कैंसर के मामले आ रहे सामने
भारती दुबे
फरीदाबाद। कैंसर के मामलों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। फेफड़े, ब्रेस्ट, मुंह और लिवर कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर जबकि पुरुषों में फेफड़ों और मुंह के कैंसर के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में कैंसर के लक्षण लेकर रोजाना 6 से 7 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग पौष्टिक भोजन छोड़कर जंक फूड, तला भुना और शक्कर युक्त पेय की ओर भाग रहे हैं। इसके साथ ही कॅरिअर, परिवार और भविष्य को लेकर भी लोग तनाव और डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। वहीं तंबाकू, शराब और व्यायाम की कमी शरीर को कमजोर करती है। इन कारणों से शरीर कैंसर की चपेट में आ सकता है।
प्रारंभिक लक्षणों को नजरअंदाज करने से बढ़ रहा खतरा
निजी अस्पताल में क्लिनिकल डायरेक्टर और एचओडी डॉ. मोहित शर्मा ने बताया कि अत्यधिक गर्मी, प्रदूषण और निरंतर मौसम में बदलाव से लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो रही है। जिससे लोग जल्दी बीमार हो जाते हैं। ऐसे में वायु प्रदूषण से निकलने वाले घातक रसायन और धूल के कण फेफड़ों पर सीधे प्रभाव डालते हैं, इससे फेफड़ों और श्वसन तंत्र से जुड़े कैंसर का खतरा चार गुना बढ़ जाता है। लोग अक्सर कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण भविष्य में मरीज को भारी परेशानी होती है। बीमारी का देरी से पता चलने पर मरीजों को अधिक समस्या हो रही है।
पति और परिवार ने संभाला
पलवल निवासी सुनीता ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि उन्हें स्तन कैंसर है, तो वे बहुत डर गईं थीं। उन्हें अपने बच्चों की सबसे ज्यादा चिंता होने लगी। उन्होंने बताया कि उनके पति और परिवार ने उनको संभाला और हिम्मत दी कि वो जल्द ठीक हो जाएंगी। लगभग 6 महीने अस्पताल में रहने के बाद वे घर लौटी। उनका अभी इलाज चल रहा है। फिलहाल वे स्वस्थ हैं।
कैंसर को हराया
सिरसा निवासी नीरज ने बताया कि उनके फेफड़ों में कैंसर था। उनके घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। जिसके चलते उन्हें इस समस्या से भी जूझना पड़ा लेकिन उनको परिवार का साथ मिला और कुछ समय बाद उन्होंने कैंसर को हरा दिया। अब वे बिल्कुल स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि अब वे जंक फूड और नशे से काफी दूर हैं।
ये हैं कैंसर के शुरुआती लक्षण
डॉ. मोहित शर्मा ने बताया कि कैंसर के शुरुआती लक्षणों में स्तनों में गांठ, आवाज में परिवर्तन, खाना न पचना, लंबे समय तक मुंह में घाव या बिना कारण वजन कम होना शामिल है। वहीं लोग लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते हैं, जिससे इलाज में देरी होती है। उन्होंने कहा कि कैंसर को रोकने के लिए समय- समय पर जांच कराएं। इसके साथ ही जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है। हम अपने शरीर की सुनें, नियमित रूप से डॉक्टर से चेकअप कराएं। वहीं बुरी आदतों से बचाव करें, जो बड़ी बीमारियों को जन्म दी सकती हैं।