फरीदाबाद। एनआइटी पांच नंबर के एच ब्लाक में बिजली के तार की चपेट में आने से एक 22 वर्षीय युवती की मौत हो गई। मृतका सीए अंतिम वर्ष की छात्रा थी। घर की बालकनी पर कंबल सुखाने के दौरान यह हादसा हुआ। बिजली के तारों की दूरी बालकनी से मात्र दो फीट है। युवती की मौत से गुस्साए परिजनों ने पांच नंबर चौक पर जाम लगा दिया। मामले की सूचना पाकर थाना एनआईटी से पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दोपहर करीब साढ़े बारह बजे शीला उर्फ शीनू बालकनी में कंबल सुखाने गई थी। इसी बीच बालकनी के पास से जा रहे बिजली के तार से उसका कंबल उलझ गया। इसी दौरान करंट की चपेट में आई युवती की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे से गुस्साए परिजनों और अन्य स्थानीय लोगों ने एनआईटी-5 की मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। लोग चौराहे पर ही धरना देकर बैठ गए और बिजली निगम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोगों की मांग थी कि उसके परिजनों को सरकारी नौकरी के साथ ही उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
बिना मास्क के पहुंची अधिकारी पर भड़के लोग
मामला बिगड़ता देख एनआईटी तीन की उपमंडल अधिकारी उर्मिला मौके पर पहुंची। बिना मास्क के भीड़ में पहुंची अधिकारी पर जाम लगा रहे लोग भड़क गए। लोगों ने कहा कि अधिकारी खुद कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं करते, जबकि आम आदमी का चालान काटा जाता है। इसके बाद एसडीओ ने अपने दुपट्टे से मुंह ढक लिया। गुस्साए लोगों ने एनआईटी तीन की एसडीओ को वापस भेज दिया। लोगों की जिद थी कि एनआईटी पांच के एसडीओ देवेंद्र अत्री को मौके पर बुलाया जाए। जब तक वह नहीं आते, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा।
मुआवजे के आश्वासन पर खोला जाम
करीब दो घंटे बीत जाने के बाद अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एनआईटी विकास भारद्वाज मौके पर पहुंचेे, लेकिन लोगों ने उनकी भी एक न सुनी। शाम करीब पांच बजे बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता कुलदीप मौके पर आए और लोगों को शांत किया। अधीक्षण अभियंता ने लोगों को भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को बिजली विभाग की तरफ से उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके अलावा परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी के लिए कागजात विभाग में भेज दिए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद ही शाम करीब साढ़े पांच बजे लोगों ने जाम खोला।