संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। डिपो को मिली नई 18 बसों का इंश्योरेंस नहीं हुआ है, जिसके कारण उन्हें अभी तक रूटों पर नहीं चलाया गया है। डिपो में पासिंग न होने के कारण खड़ी करोड़ों की बसें कबाड़ हो रही हैं। वहीं, बसों के अभाव में कई रूटों पर यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।
वर्क्स मैनेजर जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस साल सरकार ने 82 नई बीएस 6 बसें आवंटित की हैं, जिसमें एसी बसें भी शामिल हैं। इस साल करीब 20 से ज्यादा बसे खराब घोषित कर दी जाएंगी। इसमें डिपो की सभी 10 वॉल्वो बसें भी शामिल हैं। बसों को खराब घोषित करने के बाद डिपो में बसों की संख्या काफी कम हो जाएगी। इस वजह से सरकार ने डिपो को 82 नई बसें आवंटित की। उन्होंने बताया कि डिपो को 42 बसें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 27 बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया जा रहा है। सामान्य बस की कीमत करीब 30 लाख है, वहीं एसी बस 70 से 80 लाख रुपये की है। डिपो में 135 बसें विभिन्न रूटों पर चल रही हैं।
हड़ताल की वजह से नहीं हुई पासिंग
क्लर्कों की हड़ताल की वजह से नई बसों के इंश्योरेंस के पैसे जमा नहीं हो पाए। इसके चलते डिपो में पिछले तीन महीने से 15 सामान्य बसें खड़ी हैं। वहीं, एक महीने पहले मिली 3 एसी बसों के भी इंश्योरेंस नहीं हुए हैं। अब क्लर्कों की हड़ताल खत्म हो चुकी है। इंश्योरेंस का पैसा कंपनी को जमा करवा दिया है। जल्द ही इंश्योरेंस के पेपर मिल जाएंगे। इसके बाद आरटीओ विभाग द्वारा पासिंग कर दी जाएगी। पासिंग होने के बाद बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया जाएगा। एसी बसों का संचालन लॉग रूट चंडीगढ़ के लिए शुरू होगा।