यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक समय लग रहा है
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सावन में हरिद्वार जाने वाले सामान्य यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। हरिद्वार में गंगाजल लेने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंच रहे हैं। कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड में कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था बदली गई है। इसका असर फरीदाबाद और बल्लभगढ़ से हरिद्वार जाने वाली रोडवेज बस सेवाओं पर भी पड़ा है। बसों के समय और रूट में बदलाव के कारण यात्रियों को दिक्कत हो रही है।
ड्यूटी इंचार्ज जयपाल राठी के अनुसार बल्लभगढ़ से हरिद्वार के लिए दो नियमित बसें चल रही हैं। इनमें एक बस सुबह करीब 5:30 बजे और दूसरी रात करीब 8 बजे रवाना होती है। इसके अलावा पलवल से बल्लभगढ़ होते हुए हरिद्वार जाने वाली एक नियमित बस सुबह साढ़े 11 बजे भी उपलब्ध है। कांवड़ यात्रा के चलते यात्रियों की संख्या बढ़ने पर प्रतिदिन तीन अतिरिक्त बसें चलाने की व्यवस्था की गई है।
रूट डायवर्जन से बढ़ रहा सफर का समय
हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में कांवड़ियों की भीड़ के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया है। इसके चलते रोडवेज बसों को भी कई बार निर्धारित मार्ग के बजाय वैकल्पिक रास्तों से चलाना पड़ रहा है। इससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक समय लग रहा है।
हल्द्वानी जाने वाली बस भी प्रभावित
कांवड़ यात्रा के कारण फरीदाबाद से हल्द्वानी जाने वाली रोडवेज बस का रूट भी बदला गया है। इससे यात्रियों को अतिरिक्त समय लग रहा है। उत्तराखंड के अन्य शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी रूट डायवर्जन के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है।
निजी वाहनों का लेना पड़ रहा सहारा
बसों के समय और रूट में बदलाव के कारण कई यात्री ट्रेन, निजी बस, टैक्सी और निजी वाहनों का सहारा ले रहे हैं। हालांकि रोडवेज की तुलना में इन साधनों का किराया अधिक होने से यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
बस अड्डे से जानकारी लेकर करें यात्रा
रोडवेज अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि कांवड़ यात्रा के दौरान बसों के समय और रूट में बदलाव संभव है। इसलिए हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून या हल्द्वानी जाने वाले यात्री यात्रा से पहले बस अड्डे या रोडवेज सहायता केंद्र से बस के समय और रूट की जानकारी जरूर लें। कांवड़ यात्रा समाप्त होने और यातायात व्यवस्था सामान्य होने के बाद बसों का संचालन भी सामान्य होने की उम्मीद है।