जिला नगर योजनाकार प्रवर्तन शाखा ने कार्रवाई की तैयारी पूरी की
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। यमुना नदी की तलहटी और जिले की विभिन्न अवैध कॉलोनियों में कृषि भूमि पर नियमों के विपरीत बनाए गए करीब 200 फार्म हाउसों पर जल्द ही ध्वस्तीकरण अभियान शुरू होगा। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्रवर्तन शाखा ने ऐसे निर्माणों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली है। विभाग के अनुसार इस सप्ताह से चरणबद्ध तरीके से बुलडोजर चलाया जाएगा।
विभाग की जांच में सामने आया है कि सबसे अधिक अवैध फार्म हाउस यमुना नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बनाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि बरसात के दौरान बाढ़ आने पर ये निर्माण जलमग्न हो जाते हैं, जिससे वहां रहने वाले लोगों की जान-माल को खतरा बना रहता है। इसी को देखते हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
डीटीपी प्रवर्तन की सूची में किड़ावली गांव सबसे प्रमुख है, जहां बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग कर फार्म हाउस विकसित किए गए हैं। इसके अलावा इस्माइलपुर, सेहतपुर, अगवानपुर, ददसिया, महावतपुर, चीरसी, भूपानी, लालपुर, भसकौला, मौजाबाद और दलेलपुर सहित कई गांवों में भी अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं। कई स्थानों पर पूरी की पूरी अवैध कॉलोनियां बस चुकी हैं।
विभाग ने दुर्गा बिल्डर क्षेत्र, खेड़ी खुर्द तथा अन्य स्थानों पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों के निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी कर दिए हैं। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की नजर यमुना नदी पार स्थित उन क्षेत्रों पर भी है, जहां कृषि भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग और फार्म हाउस बनाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में भी कार्रवाई की योजना तैयार की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैधानिक अनुमति कृषि योग्य भूमि का गैर-कृषि उपयोग और अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऐसे सभी मामलों में नियमों के अनुसार नोटिस जारी कर अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनियोजित विकास पर रोक लगाई जा सके।