अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पुलिस प्रशासन शनिवार को राहुल कॉलोनी में नशा तस्करों के मकानों पर तोड़फोड़ अभियान चलाया। इस दौरान तीन नशा तस्करों के मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। यह अवैध निर्माण नगर निगम की सरकारी जमीन पर कराए गए थे। कार्रवाई के दौरान डीसीपी नरेंद्र कादियान ड्यूटी मजिस्ट्रेट रहे।
पुलिस प्रवक्ता सुबे सिंह ने बताया कि नशा तस्करी के आरोपी सुधीर, संतोष, रणधीर तीनों एसजीएम नगर स्थित राहुल कॉलोनी में रहते हैं। रणधीर पर नशा तस्करी के तीन मामले, सुधीर पर सात और संतोष पर नशा तस्करी के तीन मामले एसजीएम नगर थाने में दर्ज हैं। आरोपी सुधीर 2014 से, रणधीर पांच वर्षों से और संतोष तीन वर्षों से तस्करी के मामलों में संलिप्त था। निगम ने पिछले दिनों आरोपियों को तोड़फोड़ कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया गया। शनिवार को निगम का तोड़फोड़ दस्ता पहुंचा तो लोगों में हड़कंप मच गया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
तोड़फोड़ दस्ते ने तीनों आरोपियों के मकान को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही नशा तस्करी से अर्जित अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों की सूची बनाई जा रही है। ऐसे आरोपियों की प्रॉपर्टी (दुकान और मकान) को ध्वस्त किया जाएगा। अब तक लगभग दो दर्जन नशा तस्करों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस की ऐसे नशा तस्करों को चेतावनी है कि या तो अवैध धंधा छोड़ दें या फिर फरीदाबाद से चले जाएं।
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महिला ने लगाया बेवजह मकान तोड़ने का आरोप
कार्रवाई की जद में एक अन्य मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया। ऐसे में महिला ने पुलिस पर बेवजह कार्रवाई का आरोप लगाया है। महिला नीतू ने कहा कि उसके मकान को बेवजह तोड़ा गया है। उसका रसोई घर खत्म हो गया। नीतू ने बताया कि पुलिस ने आते ही केवल उन्हें अपने बच्चों को लेकर निकल जाने की चेतावनी दी। उन्हें अपना समान निकालने तक का समय नहीं दिया गया। पीड़ित ने पुलिस से मुआवजे की मांग की है।
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पहले भी नशा तस्करों पर हो चुकी कार्रवाई
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने वाले अपराधियों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई कर चुकी हैं। जिसमें आरोपी बिजेंद्र उर्फ लाला, कन्हैया उर्फ कमल, सलमान व सत्यदेव और महिला आरोपी आसमा उर्फ अफसाना, शबाना, माया, पूजा, मीना, मम्मो, साइना और जाहिदा द्वारा अवैध नशा तस्करी करके बनाई गईं 19 दुकानें, नौ मकान, किराए के लिए बनाए गए 15 कमरे, तीन गोदाम, एक कार्यालय और एक झुग्गी ध्वस्त करके करीब ढाई एकड़ जमीन मुक्त कराई गई थी।