मानसून के दौरान जर्जर और अवैध भवनों की पहचान करेंगी, नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों के खिलाफ होगी कार्रवाई
एक माह के भीतर सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली की तर्ज पर फरीदाबाद नगर निगम ने मानसून के दौरान जर्जर और अवैध भवनों की पहचान के लिए व्यापक सर्वे शुरू कर दिया है। निगम ने तीन विशेष टीमें गठित की हैं जिन्हें एक माह के भीतर शहरभर का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे में भवनों की मजबूती, स्वीकृत नक्शा, फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों के खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई होगी।
फरीदाबाद में पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण कई पुराने भवनों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी है। जिला आपदा प्रबंधन योजना भी मानसून के दौरान कमजोर भवनों, जलभराव और संरचनात्मक जोखिमों को प्रमुख खतरों में शामिल करती है। ऐसे में नगर निगम ने सर्वे को एहतियाती कदम के रूप में शुरू किया है ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले जोखिम वाले भवनों की पहचान की जा सके।
नगर निगम के अनुसार सर्वे टीमों में वरिष्ठ आर्किटेक्ट, डीटीपी और एसटीपी स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम भवनों की वर्तमान स्थिति का मौके पर निरीक्षण करेगी और आवश्यकता पड़ने पर अलग श्रेणी में चिन्हित कर रिपोर्ट तैयार करेगी।
इन बिंदुओं पर होगी विशेष जांच
सर्वे के दौरान यह देखा जाएगा कि भवन स्वीकृत नक्शे के अनुरूप बना है या नहीं। साथ ही भवन की संरचनात्मक मजबूती, फायर सेफ्टी व्यवस्था, आपातकालीन निकास, पार्किंग, उपयोग की प्रकृति और सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया जाएगा। जिन भवनों में रिहायशी स्वीकृति लेकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, उन्हें भी जांच के दायरे में रखा गया है। हरियाणा में भवनों के लिए फायर सुरक्षा संबंधी प्रावधान और अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) की व्यवस्था पहले से लागू है। निर्धारित श्रेणी के भवनों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन अनिवार्य है।
एनआईटी और बल्लभगढ़ पर विशेष फोकस
नगर निगम को लंबे समय से एनआईटी-1, एनआईटी-3, एनआईटी-5, सेक्टर-2, 3, 7, 8 सहित कई क्षेत्रों में रिहायशी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिलती रही हैं। कई स्थानों पर बिना स्वीकृत नक्शों के बहुमंजिला भवन भी बने हैं। बल्लभगढ़ क्षेत्र में संचालित कुछ कोचिंग सेंटर भी जांच के दायरे में रहेंगे। प्राथमिक स्तर पर निगम को ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि कई भवनों में केवल एक ही प्रवेश-निकास मार्ग है और आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं है। ऐसे भवनों में बारिश या आग जैसी आपात स्थिति के दौरान लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौती बन सकता है।
पहले भी चल चुके हैं अभियान
फरीदाबाद में अवैध निर्माणों के खिलाफ नगर निगम और डीटीपी इंफोर्समेंट पहले भी कार्रवाई करते रहे हैं। हाल के महीनों में सीकरी, खेड़ी खुर्द, एनआईटी और अन्य क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों, व्यावसायिक निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया था। अब पहली बार मानसून के दौरान भवन सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती को भी व्यापक सर्वे का हिस्सा बनाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान पहले से कमजोर भवनों में दरारें बढ़ सकती हैं, नींव प्रभावित हो सकती है और जलभराव के कारण जोखिम बढ़ जाता है।
मानसून को देखते हुए भवन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, अवैध निर्माण या अन्य गंभीर कमियां मिलेंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त