नई नीति लागू होने के बाद फ्लैट मालिक अपने नाम से सीधे डीएचबीवीएन से बिजली कनेक्शन ले सकेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले की ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले हजारों परिवारों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। नई नीति लागू होने के बाद फ्लैट मालिक अपने नाम से सीधे डीएचबीवीएन से बिजली कनेक्शन ले सकेंगे। इससे बिल्डर के नाम पर जारी सामूहिक बिजली कनेक्शन की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और बिल्डर के डिफाॅल्टर, दिवालिया होने या कानूनी विवाद में फंसने की स्थिति में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
वर्तमान में अधिकांश निजी सोसाइटियों में मुख्य बिजली कनेक्शन बिल्डर के नाम हैं। इसके चलते बिल्डर उपभोक्ताओं से अपनी निर्धारित दरों पर बिजली शुल्क वसूलते हैं। कई सोसाइटियों में बिजली बिल के साथ कॉमन एरिया चार्ज, रखरखाव शुल्क और अन्य मदों में अतिरिक्त राशि भी ली जाती है। निवासियों का आरोप है कि रखरखाव शुल्क साल में कई बार बढ़ा दिया जाता है और बिजली की वास्तविक दरों की लिखित जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई जाती। कई बार रखरखाव शुल्क देने में देरी होने से बिजली काट दी जाती है, इससे निवासी काफी परेशान होते हैं।
डीएचबीवीएन की घरेलू दरें
डीएचबीवीएन की घरेलू दरों के अनुसार, 150 यूनिट तक 2.95 रुपये, 151 से 300 यूनिट तक 5.25 रुपये, 301 से 500 यूनिट तक 6.45 रुपये और 500 यूनिट से अधिक खपत पर 7 से 7.80 रुपये प्रति यूनिट शुल्क निर्धारित है। इसके बावजूद कई सोसाइटियों में बिल्डर इससे अधिक दरों पर बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। कई मामलों में बिना सहमति के 6 केवी से 10 केवी तक का लोड आवंटित किया गया है।
कई घरों को जबरन 6 से 10 केवी तक का लोड आवंटित
बिल्डर की ओर से कनेक्शन दिए जाने पर निवासियों को समस्या होती है। बिल्डर अपने हिसाब से महंगी प्रति यूनिट वसूल करता है। कई सोसाइटियों में बिल्डर की ओर से बिना सहमति के कई घरों को 6 केवी से 10 केवी तक का बिजली लोड आवंटित कर दिया गया है। इससे बिजली का शुल्क अधिक देना पड़ रहा है।
कई बार प्रदर्शन के बाद भी नहीं हुआ समाधान
निवासियों का कहना है कि बिजली बिल और अतिरिक्त शुल्क को लेकर कई बार प्रदर्शन और शिकायतें की गईं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। नई नीति लागू होने पर उपभोक्ताओं को सीधे बिजली निगम से कनेक्शन मिलेगा, जिससे बिल्डर की मनमानी पर रोक लगेगी और बिजली बिलों में पारदर्शिता आने के साथ उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम होगा।
निवासियों से बातचीत
सोसाइटी में वर्षों से बिल्डर के मनमुताबिक बिजली बिल दे रहे हैं। हमें लिखित में कोई जानकारी नहीं दी जाती है।
- अमित गुप्ता, डिस्कवरी पार्क सोसाइटी
बिना सहमति के कई घरों को 6 केवी से 10 केवी तक का लोड आवंटित कर दिया गया है। हमें इतनी आवश्यकता नहीं है।
- ज्ञानिंदर खटाना, बीपीटीपी कॉलोनी, डी ब्लॉक
साल में तीन बार रखरखाव शुल्क बढ़ा दिया जाता है। लिखित में कुछ नहीं दिया जाता। बिजली बिल के नाम पर वसूली की जा रही है।
रविंदर चौधरी, बीपीटीपी कॉलोनी, एफ ब्लॉक
कई बार मांग कर चुके हैं कि हमारा कनेक्शन सीधा डीएचबीवीएन से जोड़ा जाए लेकिन सुनवाई नहीं होती, सरकार का यह कदम सराहनीय है।
- सोहनलाल फोगाट, वीआईपी फ्लोर सोसाइटी