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रिश्वत कांड : एक हफ्ते तक अवैध हिरासत में रखकर पीटता रहा थानेदार

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- थाना व चौकी प्रभारी को डीसीपी ने जारी किया नोटिस
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने आईएमटी पुलिस चौकी में तैनात एएसआई सुंदर को 50 हजार रुपये बाद रिश्वत मामले में पूछताछ के बाद शनिवार को अदालत में पेश करके जेल भेज दिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने लूट की धारा को हटाकर साधारण मारपीट में बदलने और आपसी समझौते की बात को लेकर एक लाख रुपये की मांग की थी। आरोपी एएसआई ने शिकायतकर्ता के दोस्त को एक सप्ताह तक अदालत में पेश नहीं किया और पैसों की मांग पूरी नहीं होने तक उसे पीटता रहा। परेशान होकर पीड़ित ने अपने दोस्त को मामले से अवगत कराया और एसीबी को सूचना दी। मामले में डीसीपी मुख्यालय ने आईएमटी चौकी प्रभारी विरेंद्र और थाना सदर प्रभारी इंस्पेक्टर महेंद्र पाठक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दरअसल नीमका गांव निवासी विनोद नाम के युवक का कुछ लोगों के साथ झगड़ा हुआ था। दूसरे पक्ष ने विनोद के खिलाफ जो शिकायत दीं, उसमें लूट की धारा भी लिखवा रखी थी। आरोप है कि एएसआई सुंदर ने विनोद को 12 सितंबर को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के नाम पर मारपीट करने लगा। आरोपी ने धारा हटाने और फैसला कराने की एवज में एक लाख रुपये की मांग की। पैसे नहीं आने तक आरोपी एएसआई ने विनोद को अदालत में पेश करने की बजाय 19 सितंबर तक अपने पास ही रखे रखा और मारपीट करता रहा। विनोद ने मामले की जानकारी अपने दोस्त कुंदन को दी और पैसों का इंतजाम करने को कहा। कुंदन ने पचास हजार पहले और बाकी पैसे धारा हटाने के बाद देने की बात तय हुई। इसके बाद एएसआई ने विनोद को अदालत में पेश किया। शनिवार को एसीबी की टीम ने आरोपी एएसआई को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। डीसीपी मुख्यालय अभिषेक जोरवार ने चौकी व थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीसीपी बल्लभगढ़ मामले की जांच कर रहे हैं।
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