फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बीपी, शुगर की दवाएं खत्म

विज्ञापन
विज्ञापन
अस्पताल के साथ डिस्पेंसरियों में भी दवाएं खत्म होने से मरीजों को हो रही परेशानी, मरीजों को काटने पड़ रहे अस्पतालों के चक्कर
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी-तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बीपी-शुगर की दवाएं खत्म होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। दवाओं के लिए मरीजों को जहां-तहां भटकना पड़ रहा है। डिस्पेंसरियों में भी दवाएं नहीं मिलने से लोग परेशान हैं।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से करीब साढ़े छह लाख कार्ड धारक जुड़े हैं। यहां फरीदाबाद समेत पलवल, होडल, हथीन, सानीपत, पानीपत, गुरुग्राम आदि जिलों से रोजाना करीब 4500 मरीज आते हैं, लेकिन यहां इलाज कराना मरीजों के लिए आसान नहीं है। ओपीडी से लेकर दवा काउंटर तक सुबह नौ बजे से नौ बजे तक मरीजों की भीड़ देखने को मिलती है। घंटों तक मरीजों को दवाइयों के लिए लाइन में लग कर इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद उन्हें पूरी दवा नहीं मिल पा रही है। यही स्थिति बुधवार को भी देखने को मिली। ह्दय और शुगर की बीमारी की दवा लेने पहुंचे मरीजों को दवा खत्म होने की बात कहकर वापस लौटा दिया गया। मरीज के परिजन रोहित ने बताया कि मां की ह्दय रोग की दवाइयां चल रही हैं। हर तीन माह में दवाई लेने के लिए आना पड़ता है। दवा काउंटर पर कर्मचारियों ने आधी दवाईयां देकर कहा कि बीपी और शुगर की दवाइयां खत्म हो गई हैं। उन्हें बाहर से लेनी पड़ेंगी। रोशन ने कहा कि अस्पताल में दवाई पूरी नहीं मिलती हैं। आधी अधूरी दवाइयां देकर लौटा देते हैं। काउंटर पर दवाइयां पूरी नहीं मिलने पर मरीज और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षा कमियों ने उन्हें समझा कर शांत करवाया।
विज्ञापन


डिस्पेंसरियों पर नहीं मिल रहीं दवाएं
शहर में ईएसआई से जुड़ी 13 डिस्पेंसरियां हैं। इन डिस्पेंसरियों में भी बीपी, शुगर की दवाइयों का कई माह से अभाव है। मरीज कई बार ईएसआई प्रबंधन से शिकायत कर चुके हैं लेकिन कहीं कोई समाधान नहीं होता है। दवाइयां पूरी नहीं होने पर मरीजों को ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया जाता है। यहां भी दवाइयां नहीं मिलने से मरीजों को दो अस्पतालों बीके चक्कर काटने पड़ते हैं।
विज्ञापन

वर्जन

अस्पताल में दवाइयों की कोई कमी नहीं है। यदि कहीं कोई समस्या आई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। मरीजों को पूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। डिस्पेंसरियों पर दवा के संबंध में ईएसआई के मुख्य चिकित्सा अधिकारी जानकारी दे सकते हैं। - डॉ. अनिल पांडे, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें