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बूस्टिंग स्टेशन: ग्रेफ में पेयजल की किल्लत से मिलेगी राहत, तीन करोड़ की लागत से बनवाने जा रहा नगर निगम

Wed, 17 May 2023 07:15 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद

सार

कई कॉलोनियों में पानी की लाइन व बूस्टिंग स्टेशन जरूरत के अनुसार नहीं लगे हैं। ऐसे में लोगों को टैंकरों का सहारा लेना पड़ता है। इसके देखते हुए नगर निगम ने भारत कॉलोनी में नया बूस्टिंग स्टेशन बनाने की योजना तैयार की है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : demo
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विस्तार
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ग्रेटर फरीदाबाद स्थित भारत कॉलोनी में नगर निगम बूस्टिंग स्टेशन बनवाने जा रहा है। इस पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस बूस्टिंग स्टेशन से पांच कॉलोनियों में पानी की सप्लाई की जाएगी। इससे दूसरे बूस्टिंग स्टेशनों पर भार कम होगा। ग्रेफ क्षेत्र में गर्मियों में परेशानी होती है। इस क्षेत्र में अभी पानी लाइन का नेटवर्क बेहतर नहीं है। कई कॉलोनियों में पानी की लाइन व बूस्टिंग स्टेशन जरूरत के अनुसार नहीं लगे हैं। ऐसे में लोगों को टैंकरों का सहारा लेना पड़ता है। इसके देखते हुए नगर निगम ने भारत कॉलोनी में नया बूस्टिंग स्टेशन बनाने की योजना तैयार की है। 

 

नगर निगम के अनुसार भारत कॉलोनी में बूस्टिंग स्टेशन बनने से हनुमान नगर, खेड़ीपुल समेत अन्य कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति बेहतर हो सकेगी। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता सुशील ठाकरान ने बताया कि भारत कॉलोनी में बूस्टिंग स्टेशन बनाने की योजना है। इसके बाद से रेनीवेल की लाइन से जोड़ा जाएगा। इसके बन जाने से करीब आधा दर्जन कॉलोनियों में पानी की सप्लाई बेहतर होगी। उनका कहना है कि इसके लिए जमीन की मार्किंग के लिए प्लॉनिंग शाखा से कहा गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बन जाने ने दूसरे बूस्टिंग स्टेशन पर पानी का भार कम होगा। इससे ग्रेफ में पेयजल सुधार होगा।

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पानी का रहता है संकट
गर्मी के दिनों में शहर में पानी का संकट गहरा जाता है। शहर में करीब 425 एमएलडी पानी की जरूरत होती है, जबकि करीब 300 एमएलडी पानी की सप्लाई हो रही है। दूसरी ओर रेनीवेल की पुरानी लाइनें होने से बूस्टिंग स्टेशनों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता है। पानी की समस्या सबसे ज्यादा एनआईटी क्षेत्र में होती है। पानी की कमी को पूरा करने के लिए नगर निगम को ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ता है। इसके बाद भी समस्या बनी रहती है। ऐसे में नगर निगम नए ट्यूबवेल के साथ बूस्टिंग स्टेशन लगाने पर काम कर रहा है। दूसरी ओर एफएमडीए की ओर से भी नए रेनीवेल लगवाए जा रहे हैं।

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