- आंधी से कई इलाकों में छाया रहा अंधेरा, आठ लाख लोग रातभर रहे परेशान
- बिजली न होने से कंपनियों में उत्पादन क्षमता रही प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। तेज आंधी से सोमवार रात बीबीएमबी पावर हाउस की सीटी केबल में धमाका हो गया। जिससे तीन सबस्टेशनों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे आठ लाख लोग प्रभावित रहे। सबसे अधिक परेशानी एनआईटी के क्षेत्रवासियों को हुई। यही हाल हैदराबाद पावर हाउस से जुड़े इलाकों में देखने को मिला। बिजली नहीं होने से कंपनियों में उत्पादन क्षमता पर असर पड़ा।
जिले में पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी पड़ रही है। सोमवार शाम मौसम में अचानक बदलाव हुआ और तेज आंधी शुरू हो गई। शहर में देर रात तक आंधी का असर देखने को मिला। वहीं बल्लभगढ़ स्थित बीबीएमबी पावर हाउस से तीन सब स्टेशन जुड़े हैं। इनमें ओसवाल, डाबरी और ए2 सब स्टेशन शामिल हैं। इन तीनों सब स्टेशनों से पूरा एनआईटी क्षेत्र जुड़ा है। इनमें करीब आठ लाख लोग निवास करते हैं। सोमवार रात आई आंधी से रात करीब दो बजे बीबीएमबी पावर हाउस की सीटी केबल ब्लास्ट के साथ फट गई। इससे संबंधित इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। बिजली जाने पर कुछ देर लोगों ने सप्लाई बहाल होने का इंतजार किया, लेकिन काफी देर बाद भी बिजली नहीं आने पर लोगों ने अधिकारियों और शिकायत केंद्रों पर फोन किया। लोगों का आरोप है कि शिकायत केंद्रों पर उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे काफी परेशानी हुई। बिजली न होने से लोगों को रात जागकर काटनी पड़ी। इसके अलावा कई क्षेत्रों में इस कारण फाॅल्ट और ब्रेक डाउन की समस्या भी हुई। इसे लेकर बिजली कंट्रोल रूम में 4227 शिकायतें दर्ज की गईं। इसमें तिलपत, पल्ला, खेड़कला, कुरैशीपुर, नंगला-पार्ट एक और दो, सरूरपुर, राजीव कॉलोनी, ओल्ड फरीदाबाद, डबुआ कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी आदि क्षेत्रों से सबसे ज्यादा दिक्कत थी। हालांकि सूचना मिलते ही बिजली अधिकारियों ने आंधी रुकने के बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया हालांकि बिजली मंगलवार सुबह करीब सात बजे बहाल हो सकी, तब लोगों ने राहत की सांस ली।
हैदराबाद पावर हाउस में इनकमर केबल फटी
आंधी से सोमवार शाम करीब सात सेक्टर-25 स्थित हैदराबाद पावर हाउस की इनकमर नामक केबल फट गई। इस पावर हाउस से करीब पांच हजार उद्योग जुड़े हैं। बिजली जाते ही उद्योगों में उत्पादन बंद हो गया। प्लास्टिक मॉलडिंग मशीनों में कच्चा माल मशीन में ही फंसा रह गया। मजबूरीवश उद्यमियों को जनरेटर चलाकर काम चलाना पड़ा। उद्यमियों ने कहा कि सरकार ने जनरेटर चलाने पर प्रतिबंध तो लगा दिए लेकिन बिजली सप्लाई का कोई ठोस प्रबंध नहीं है।
गांव मोटूका स्थित नवोदय स्कूल के पास बिजली का खंभा टूटा
आंधी से गांव मोटूका स्थित नवोदय विद्यालय के पास बिजली का खंभा टूटकर गिर गया। इससे गांव में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रात भर लोग बिजली की समस्या से परेशान रहे।
बिजली न होने पर पेयजल आपूर्ति रही प्रभावित
बिजली नहीं होने से घरों में पानी की मोटरें नहीं चल सकीं। इससे बिजली सप्लाई प्रभावित रही। लोगों को मजबूरीवश प्राइवेट टैंकरों से पानी खरीदकर काम चलाना पड़ा। इससे लोगों को काफी दिक्कतें हुईं।
वर्जन
आंधी से कुछ पावर हाउस में फाल्ट की समस्या हुई थी। इस कारण कई सबस्टेशन बंद रहे। आंधी बंद होने के बाद मरम्मत कार्य शुरू करवाकर सप्लाई चालू कर दी गई। - नरेश कक्कड़, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम