फर्म के बैंक खाते में 1.24 करोड़ का लेन-देन आया सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए एक फर्म के बैंक खाते में 1.24 करोड़ का लेन-देन सामने आया है। जांच में यह खाता दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में दर्ज सात अन्य साइबर ठगी की शिकायतों से भी जुड़ा मिला है।
साइबर थाना एनआईटी पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 6.61 लाख की ठगी के मामले में दिल्ली के एक बार संचालक को 27 जुलाई को गिरफ्तार कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान 42 वर्षीय नवीन पालीवाल निवासी जगतपुरी, दिल्ली के रूप में हुई है। आरोपी कड़कड़डूमा क्षेत्र में बार संचालित करता है। उसे अदालत में पेश करने के बाद पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उससे साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों, फर्जी बैंक खातों और ठगी की रकम के अंतिम लाभार्थियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
एनआईटी क्षेत्र निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि एक अप्रैल 2026 को उसके व्हाट्सएप पर शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का संदेश आया। इसके बाद विभिन्न निवेश योजनाओं के नाम पर उससे अलग-अलग माध्यमों से कुल 6.61 लाख जमा करा लिए गए। रकम और मुनाफा वापस मांगने पर आरोपियों ने संपर्क समाप्त कर दिया। शिकायत के आधार पर साइबर थाना एनआईटी में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और बैंक अभिलेखों के आधार पर पुलिस नवीन पालीवाल तक पहुंची। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने पियूष और रोहित के माध्यम से कुबेर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्म बनवाई। फर्म में दोनों को निदेशक बनाया गया, जबकि पूरी योजना का संचालन नवीन पालीवाल कर रहा था। आरोपी ने फर्म तैयार कराने के लिए दोनों को 5 लाख दिए और बाद में फर्म का संयुक्त बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध करा दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी खाते में इस मामले से संबंधित 2.20 लाख की राशि आई थी। वहीं खाते में अब तक करीब 1.24 करोड़ का लेन-देन हुआ है। जांच में यह भी पता चला कि इसी खाते के संबंध में चार राज्यों में सात अन्य साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि पियूष और रोहित पहले नवीन पालीवाल के बार के पास स्थित एक अन्य बार में काम करते थे। बाद में दोनों उसके संपर्क में आए और उनके नाम पर फर्म बनाकर उसका बैंक खाता साइबर गिरोह को उपलब्ध कराया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में पियूष को 19 जुलाई को अलीगढ़ से पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।