फरीदाबाद। अधिवक्ता कुणाल कांत शर्मा से जुड़े घटनाक्रम को लेकर जिला बार एसोसिएशन की न्यायिक कार्य से विरत रहने की हड़ताल बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से दूरी बनाए रखी। बार प्रधान राजेश बैंसला और महासचिव टीका डागर ने कहा कि मामला अधिवक्ताओं के सम्मान और बार की गरिमा से जुड़ा है, इसलिए इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
हड़ताल समाप्त कराने के लिए डीसीपी ट्रैफिक राजवीर राठी, एसीपी सराय संदीप मोर और एसीपी सेंट्रल राजीव कुमार ने बार नेतृत्व से बातचीत की है। पुलिस अधिकारियों ने आपसी बातचीत से विवाद सुलझाने और न्यायिक कार्य शुरू करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने अधिवक्ता कुणाल कांत शर्मा से भी बातचीत का प्रयास किया।
बार नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि मामले में आगे का निर्णय जिला बार एसोसिएशन सामूहिक रूप से लेगी। अधिवक्ताओं के बीच संबंधित पुलिस अधिकारी के बार में आकर स्थिति स्पष्ट करने और माफी मांगने की मांग भी उठी। इस दौरान डीसीपी उषा कुंडू के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। बार पदाधिकारियों ने कहा कि बैठक और सामूहिक सहमति के बाद ही हड़ताल समाप्त करने पर फैसला होगा। संवाद