फरीदाबाद। शहर के बैंक्वेट हालों में आजकल शहनाई और अन्य कार्यक्रम खूब हो रहे हैं। संचालक आयोजन करने वालों से जीएसटी (वस्तु एवं सेवाकर) के नाम पर अच्छी रकम भी ले रहे हैं लेकिन खास ये है कि विभाग को उनसे टैक्स नहीं मिल पा रहा है। कारण, कई बैंक्वेट हाल बिना रजिस्ट्रेशन के हैं। विभाग की ओर से इनकी दोबारा जांच की जाएगी।
शहर में छोटे-बड़े करीब 150 बैंक्वेट हाल चल रहे हैं। इनमें से करीब 70 बैंक्वेट हाल वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में रजिस्टर्ड है। बाकी सभी बिना जीएसटी रजिस्ट्रेशन के है। एक-एक बैंक्वेट हाल संचालक एक शादी आयोजन के नाम पर पार्टियों से दो से ढाई लाख रुपये तक वसूलते हैं मगर जीएसटी रिटर्न नहीं भरते। जबकि बैंक्वेट हाल में शादी विवाह जैसे समारोह पर 18 प्रतिशत जीएसटी है। जीएसटी न भरकर बैंक्वेट हाल संचालक राजस्व को अच्छा-खासा नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस खेल में विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत बताई जा रही है। हालांकि, विभाग ने दोबारा से सभी बैंक्वेट हाल की जांच की बात कही है।
कोट
जीएसटी विभाग की ओर से बैंक्वेट हाल की जांच करवाई जाएगी। जांच में बिना जीएसटी रजिस्ट्रेशन के चल रहे बैंक्वेट हाल सामने आने पर संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- राजेंद्र बूरा, जीएसटी उप आयुक्त-उत्तर क्षेत्र फरीदाबाद