कामकाजी महिलाओं को मातृत्व और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने में होगा सहायक
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत महिला कर्मचारियों को राहत देने की दिशा में एक अहम पहल की जा रही है। अस्पताल परिसर में डे-केयर सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां ड्यूटी के दौरान महिला कर्मचारी अपने बच्चों को सुरक्षित छोड़ सकेंगी। मातृत्व-शिशु इकाई में बनने वाला यह केंद्र कामकाजी महिलाओं को मातृत्व और जिम्मेदारियों के बीच बेहतर संतुलन बनाने में सहायक होगा।
अस्पताल में निर्माणाधीन मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) इकाई के तहत इस डे-केयर सेंटर को विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य महिला कर्मचारियों को शिशुओं की देखभाल को लेकर होने वाली चिंता से राहत देना है। सेंटर शुरू होने के बाद महिला स्टाफ अपने बच्चों को कार्यस्थल के पास ही सुरक्षित वातावरण में छोड़ सकेंगी और जरूरत पड़ने पर समय-समय पर उनकी देखभाल भी कर सकेंगी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस सुविधा से महिला कर्मचारियों को बार-बार घर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वे अपनी ड्यूटी के दौरान ही 15 से 20 मिनट का समय निकालकर बच्चों को दूध पिला सकेंगी। इससे न केवल उनके कामकाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, बल्कि वे अधिक एकाग्रता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगी।
स्वास्थ्य निदेशालय की इस पहल से महिला कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद है। छोटे बच्चों की देखभाल के कारण अक्सर महिलाओं को नौकरी और परिवार के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई होती है, ऐसे में यह सुविधा उनके लिए काफी सहायक साबित होगी। डे-केयर सेंटर में बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाएगा तथा प्रशिक्षित स्टाफ तैनात किया जाएगा।
गौरतलब है कि बीके अस्पताल परिसर में 200 बेड की सात मंजिला एमसीएच इकाई तैयार की जा रही है, जिसमें जच्चा-बच्चा के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामभगत ने बताया कि इस परियोजना के तहत डे-केयर सेंटर भी प्रस्तावित है, जिससे महिला स्टाफ को बड़ी राहत मिलेगी।