बल्लभगढ़। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण बैंडबाजे वालों का व्यापार चौपट हो गया है। कई लोगों की लाखों की कमाई चौपट हो गई है। ऐसे में इन लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। यही हाल बारात में घोड़ी उपलब्ध कराने वालों का है। इन लोगों का मानना है कि यह इतना बुरा दौर आ गया है कि घर खर्च तक की आमदनी जुटानी मुश्किल है। हर दिन भारी पड़ रहा है। शहर में इस व्यवसाय से 200 से अधिक लोग जुड़े हुए हैं।
बैंडबाजा यूनियन के प्रधान अनिल भगवान ने बताया कि 15 अप्रैल से 30 मई तक 15 लाख से अधिक की बुकिंग चार महीने पूर्व हो चुकी थी। इसमें लगभग 17 लोगों ने शादी सहित अन्य कार्यक्रमों की बुकिंग करवाई थी। कोरोना और लॉकडाउन की पाबंदियों के कारण सभी बुकिंग रद्द हो गईं। कई लोग अभी कुछ और बुकिंग को रद्द करने के लिए लगातार फोन कर रहे हैं। ऐसे में अधिकांश बुकिंग के लिए मिले एडवांस को लौटाना पड़ रहा है। अनिल भगवान ने बताया कि इस व्यवसाय से शहर में 200 से अधिक लोग इस व्यवसाय से काफी समय से जुड़े हुए हैं। उनको पहले के खर्च के रुपये देने पड़ रहे हैं। इस कारण पास ज्यादा पैसा खर्चा हो चुका है। अब काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर जल्द हालत नहीं सुधरते हैं, तो उनके सामने मुश्किल खड़ी हो जाएगी।
घोड़ी के चारे के लिए भी रुपये नहीं
सेक्टर-3 के रहने वाले अशोक कुमार ने बताया कि उनका काफी समय से ही घोड़ी -बग्गी का काम है। कोरोना के कारण काम बंद हो गया है। अगर अन्य काम के बारे में सोचते हैं, तो वह लॉकडाउन के कारण बंद हैं। इस बुरे वक्त में घोड़ियों के लिए चारे तक का खर्चा निकालना मुश्किल हो गया है। ऐसी स्थिति में अब घोड़ियों को बेचना भी पड़ सकता हैं।