फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10 Minute Delivery पर रोक से राहत: 'कस्टमर 5 मंजिल ऊपर बुलाते थे', जानें क्या बोले फरीदाबाद के गिग वर्कर्स

Wed, 14 Jan 2026 05:14 PM IST
अनुज कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद

सार

10 मिनट में डिलीवरी बंद होने से फरीदाबाद में कार्यरत गिग वर्कर्स को बड़ी राहत मिली है। अब डिलीवरी बॉय इस निर्णय को अपनी सुरक्षा, स्वास्थ्य और कामकाजी स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। 
विज्ञापन
10 मिनट डिलीवरी पर रोक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार के दखल के बाद ऑनलाइन क्विक कॉमर्स कंपनियों द्वारा 10 मिनट में डिलीवरी का दावा हटाए जाने से फरीदाबाद में काम कर रहे गिग वर्कर्स को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से तेज डिलीवरी के दबाव में काम कर रहे डिलीवरी बॉय अब इस फैसले को अपनी सुरक्षा, सेहत और कामकाजी स्थिरता से जुड़ा अहम कदम मान रहे हैं। 

विज्ञापन

10 मिनट की रोक पर डिलीवरी पार्टनर्स ने क्या कहा
फरीदाबाद के एनआईटी, बल्लभगढ़, सेक्टर-15, सेक्टर-37 और ओल्ड फरीदाबाद इलाकों में काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स का कहना है कि पहले 10 मिनट की डिलीवरी टाइमलाइन के कारण उन पर लगातार मानसिक दबाव बना रहता था। शाम तक कई डिलीवरी कर्मी सिर्फ 400 से 500 रुपये ही कमा पाते थे, जबकि जोखिम कहीं ज्यादा होता था।

'ग्राहक 4-5 मंजिल तक ऊपर बुला लेते थे'
डिलीवरी कर्मियों के अनुसार, कई बार ग्राहक उन्हें 4-5 मंजिल तक ऊपर बुला लेते थे, जबकि लिफ्ट की सुविधा नहीं होती थी। इससे डिलीवरी में देरी होती थी और देरी का असर सीधे उनकी रेटिंग और आईडी पर पड़ता था। कई मामलों में समय पर डिलीवरी न होने पर आईडी सस्पेंड कर दी जाती थी या कस्टमर पेमेंट करने में दिक्कत पैदा कर देता था। 

शहर में लगने वाले ट्रैफिक जाम भी बड़ी परेशानी रहे। एनएच-19, मथुरा रोड, बाटा चौक और सेक्टर एरिया में जाम के कारण डिलीवरी तय समय में पहुंचाना मुश्किल हो जाता था। जल्दबाजी के चलते एक्सीडेंट की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे शारीरिक चोट के साथ-साथ डिलीवरी कर्मियों पर मानसिक तनाव बढ़ता गया।

'हर ऑर्डर के साथ यह डर था'
डिलीवरी बॉय का कहना है कि हर ऑर्डर के साथ यह डर बना रहता था कि कहीं देरी न हो जाए, क्योंकि एक शिकायत पर अकाउंट ब्लॉक होने का खतरा रहता था। अब सरकार के आदेश के बाद कुछ कंपनियों ने 4–5 किलोमीटर की दूरी के लिए 30 मिनट का समय तय कर दिया है, जिससे डिलीवरी कर्मियों को राहत मिली है।
विज्ञापन

जानें क्या बोले गिग वर्कर्स
उनका कहना है कि इससे न सिर्फ सड़क हादसे कम होंगे, बल्कि काम का दबाव भी घटेगा। गिग वर्कर्स मानते हैं कि यह फैसला ग्राहकों के लिए भी फायदेमंद है। सुरक्षित और संतुलित डिलीवरी सिस्टम से सेवा की गुणवत्ता बेहतर होगी। फरीदाबाद के डिलीवरी कर्मियों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जमीन पर असर दिखाने वाला फैसला बताया है।

10 मिनट की डिलीवरी के दबाव में हर ऑर्डर जोखिम भरा होता था, अब आदेश के बाद थोड़ी राहत मिली है।-प्रदीप

कई बार कस्टमर 4–5 मंजिल तक ऊपर बुला लेते थे, देर होती तो हमारी आईडी सस्पेंड हो जाती थी।-तरुण

जाम में फंसने और एक्सीडेंट के डर के बावजूद जल्दी पहुंचने का दबाव रहता था, जिससे मानसिक तनाव बढ़ गया था।-सूरज

अब 4–5 किलोमीटर के लिए 30 मिनट मिलने से सुरक्षित तरीके से डिलीवरी कर पाएंगे।-देवेंद्र
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें