फरीदाबाद। जिले में बिना वैध पहचान पत्र किसी भी अतिथि को ठहराने पर रोक लगा दी गई है। जिलाधीश आयुष सिन्हा ने होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, सराय, पेइंग गेस्ट (पीजी), होम-स्टे और अन्य समान आवासीय प्रतिष्ठानों के संचालकों को अतिथियों की पहचान सत्यापन करवाने का निर्देश जारी किया है। इसके साथ ही सीसीटीवी निगरानी संबंधी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधीश ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के अंतर्गत आदेश जारी किया है। जिलाधीश ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों और पुलिस आयुक्त की अनुशंसा के अनुपालन में यह आदेश जारी किए गया हैं। सत्यापन का उद्देश्य जन सुरक्षा को सुदृढ़ करना, अपराधों की रोकथाम, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। आयुष सिन्हा ने कहा कि प्रत्येक प्रतिष्ठान को सभी अतिथियों के पहचान संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कर उनका रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। इसके साथ ही अतिथि रजिस्टर, चाहे वह भौतिक हो या डिजिटल, निर्धारित नियमों के अनुसार संधारित करना होगा। आवश्यकता पड़ने पर यह रिकॉर्ड संबंधित प्राधिकृत अधिकारियों को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
जिलाधीश आयुष सिन्हा ने कहा कि सभी प्रतिष्ठानों में प्रवेश एवं निकास द्वार, रिसेप्शन, कमरों तक जाने वाले गलियारों तथा अन्य सामान्य स्थानों पर कार्यशील सीसीटीवी कैमरे स्थापित करना आवश्यक है। इसके साथ ही कैमरों को हर समय चालू अवस्था में रखना अनिवार्य होगा। सीसीटीवी फुटेज कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी। पुलिस अथवा अन्य सक्षम जांच एजेंसी द्वारा फुटेज मांगे जाने पर तत्काल उपलब्ध करानी होगी।