सूचना के लिए नोटिस भी चस्पा नहीं, मरीजों को लौटना पड़ा वापस
नीरज धर पाण्डेय
फरीदाबाद। मेवला महाराजपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर मंगलवार को बंद मिला, जिससे दवा और जांच कराने आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। केंद्र के मुख्य गेट पर ताला लटका था और सूचना के लिए कोई नोटिस भी चस्पा नहीं किया गया था। मरीजों का कहना है कि उन्हें यह नहीं पता है कि केंद्र क्यों बंद है और कब खुलेगा।
वर्जन
मैं यहां दवा लेने आईं हूं लेकिन गेट पर ताला लटका देख निराश लौटना पड़ेगा। कई बार ऐसा होता है कि हमें जानकारी नहीं होती है। मैं दो किलोमीटर पैदल चलकर यहां आई हूं। -राधिका देवी
मुझे सुबह से घबराहट और चक्कर जैसा महसूस हो रहा है। मैं यहां डॉक्टर को दिखाने आई हूं लेकिन यहां तो ताला लगा है। मुझे किसी दूसरी जगह दिखाने जाना पड़ेगा। -खुशी
आयुष्मान आरोग्य मंदिर गांव के लोगों के लिए बड़ी सुविधा है लेकिन बिना सूचना के बंद रहना बहुत गलत है। कई मरीज नियमित इलाज के लिए आते हैं, उन्हें असुविधा होती है। -प्रहलाद, स्थानीय निवासी
सरकार ने इन केंद्रों को लोगों की सुविधा के लिए खोला है लेकिन अगर समय पर सेवा नहीं मिले तो योजना का उद्देश्य ही अधूरा रह जाता है। मैं यहांं पिछले पांच साल से आ रही हूं। -मनीषा पाल, स्थानीय निवासी
मैंने केंद्र के प्रभारी डॉ. सनी से बात किया। उन्होंने बताया कि वहां पर दो एनएनएम कार्यरत हैं। मेवला महाराजपुर अनंगपुर के एएनएम को तिगांव में एकीकृत स्वास्थ्य सूचना प्लेटफार्म (आईएचपीआई) की ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया था, जिसकी वजह से वहां केंद्र को बंद रखा गया था। -डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी