फार्मासिस्ट नहीं होने के कारण चिकित्सक को स्वयं दवाइयां देनी पड़ती हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एसी नगर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आयुर्वेद चिकित्सा सेवाएं सीमित होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां सप्ताह में केवल एक दिन, बृहस्पतिवार को ही आयुर्वेद चिकित्सक की ओपीडी लगती है, जिसके चलते अन्य दिनों में आने वाले मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ता है।
मरीजों का कहना है कि कई बार निर्धारित दिन पर भी चिकित्सक समय पर नहीं पहुंचते या अनुपस्थित रहते हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ता है।
केंद्र पर इलाज के लिए आई मरीज अनुराधा अस्थाना ने बताया कि वह घुटने के दर्द से परेशान हैं, लेकिन चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें बिना इलाज लौटना पड़ा। वहीं मरीज दीपा ने बताया कि वह अपने बेटे को सर्दी-जुकाम की दवा दिलाने आई थीं, लेकिन डॉक्टर न मिलने के कारण उन्हें भी निराश होकर वापस जाना पड़ा।
केंद्र में आयुर्वेद फार्मासिस्ट नहीं है, जिसके कारण दवाइयों के वितरण में अव्यवस्था बनी रहती है। कई बार चिकित्सक को स्वयं दवाइयां ढूंढकर मरीजों को देनी पड़ती हैं, जिससे ओपीडी संचालन प्रभावित होता है।
इस संबंध में केंद्र प्रभारी दीपक चोपड़ा ने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सक को दिखाने वाले मरीजों की संख्या फिलहाल कम है, लेकिन विभाग इसके दायरे को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी की समस्या से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।