नई व्यवस्था में रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन पहले चार दिन पटवारी के लॉगिन में रहेगी। पांचवें दिन तक कार्रवाई नहीं होने पर यह स्वत: कानूनगो के लॉगिन में चली जाएगी, जहां दो दिन का समय मिलेगा। सातवें दिन म्यूटेशन सीआरओ के लॉगिन में पहुंचेगी और उन्हें चार दिन में कार्रवाई करनी होगी। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर 11वें दिन म्यूटेशन स्वत: जमाबंदी में शामिल हो जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि निर्धारित समय में म्यूटेशन नहीं होने पर नागरिक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे। दस्तावेज भी ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे और संबंधित विभाग को 10 दिन में कार्रवाई करनी होगी। म्यूटेशन संभव होने पर उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि अस्वीकृति की स्थिति में सीआरओ को कारण स्पष्ट करते हुए स्पीकिंग ऑर्डर जारी करना होगा। उन्होंने बताया कि सरकार अधिक से अधिक राजस्व सेवाएं घर बैठे या नजदीकी सीएससी के माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। जमाबंदी में हिस्से की जानकारी, छोटी त्रुटियों में सुधार और तकसीम जैसी प्रक्रियाओं को भी ऑनलाइन और समयबद्ध बनाने पर जोर है। ब्यूरो