फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: 14 साल पुराने मामले में हत्या के प्रयास का आरोप तय

विज्ञापन
विज्ञापन
लंबे समय से हाईकोर्ट में अटका था मामला, अब सत्र अदालत ने सुनवाई शुरू करने के दिए आदेश
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। करीब 14 वर्ष पुराने घर में घुसकर मारपीट और फायरिंग के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने चार अगस्त को कृष्ण कुमार, नरेश, कपिल, ओमकार और मनीष उर्फ मनी के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने आरोपी कपिल पर आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत भी आरोप तय किया है। सभी आरोपियों ने आरोपों से इनकार करते हुए मुकदमे का सामना करने की बात कही। अदालत ने अभियोजन साक्ष्य के लिए एक सितंबर की तारीख निर्धारित की है।

दो दिसंबर 2012 को बल्लभगढ़ की भगत सिंह कॉलोनी निवासी राजकुमार उर्फ राजू ने शिकायत दी थी कि एक दिन पहले गली बंद करने को लेकर हुए विवाद के बाद अगले दिन कपिल अपने साथियों के साथ उनके घर में घुस आया। आरोप है कि आरोपियों ने राजकुमार, उनकी पत्नी इंद्रेश और बेटे हेमंत से डंडों से मारपीट की। इसी दौरान कपिल ने देसी पिस्तौल से राजकुमार पर गोली चलाई। राजकुमार जमीन पर झुक गए, जिससे गोली उन्हें नहीं लगी। आरोपी मौके से भाग गए और घटनास्थल पर देसी पिस्तौल व एक खोखा बरामद हुआ।
विज्ञापन


पुलिस ने जांच के दौरान हत्या के प्रयास की धारा 307 हटाकर अन्य धाराओं में चालान पेश किया था। वर्ष 2013 में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हीं धाराओं में आरोप तय कर दिए और अभियोजन के सभी गवाहों के बयान भी दर्ज हो गए। बाद में अभियोजन ने धारा 216 सीआरपीसी के तहत आवेदन देकर धारा 307 जोड़ने की मांग की। इस पर दो अगस्त 2017 को अदालत ने प्रथम दृष्टया हत्या के प्रयास का मामला मानते हुए केस सत्र अदालत को भेज दिया।

इसके बाद आरोपी कपिल ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर कर दी, जिसके चलते कार्यवाही लंबित रही। यह याचिका 29 जनवरी 2026 को वापस ले ली गई। इसके बाद मामला फिर सत्र अदालत में आगे बढ़ा।
विज्ञापन


अदालत ने अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता के बयान, घटनास्थल से बरामद देसी पिस्तौल, उसमें मिले चले हुए खोखे, एफएसएल रिपोर्ट व अन्य दस्तावेज प्रथम दृष्टया यह दर्शाते हैं कि कपिल ने शिकायतकर्ता पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई थी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हत्या के प्रयास का आरोप तय करने के लिए गोली लगना आवश्यक नहीं है, बल्कि आरोपी की मंशा और उसके द्वारा किया गया कृत्य महत्वपूर्ण होता है। इन्हीं आधारों पर अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 148, 323, 452, 307/149 आईपीसी तथा कपिल के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत आरोप तय कर मुकदमे की सुनवाई शुरू करने के आदेश दिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें