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Faridabad News: आशा और आंगनबाड़ी वर्करों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

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-आशा वर्करों ने एनएचएम तथा आंगनबाड़ी ने नगराधीश को दिया ज्ञापन
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-आंगनवाडी वर्करों ने काले कपड़े पहनकर मनाया काला दिवस
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आशा वर्कर यूनियन ने सोमवार को सरकार द्वारा वादा पूरा न करने के विरोध में सिविल सर्जन कार्यालय पर प्रदर्शन किया। एनएचएम प्रभारी डॉ. रचना तथा डॉ. गजराज को अपनी मांगाें के संदर्भ में यूनियन की तरफ से ज्ञापन सौंपा गया।
जिला प्रधान सुधा पाल ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य मंत्री से हुई बातचीत में मानी गई मांगों को जल्द ही लागू नहीं किया गया तो 8 अगस्त से प्रदेश भर में आशा वर्कर तीन दिन की हड़ताल करेंगी। सिविल सर्जन कार्यालय पर प्रदर्शन करने से पहले आशा वर्करों ने बीके अस्पताल परिसर में एक सभा आयोजित की। सभा में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने आशा वर्कर की मांगों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास कॉर्पोरेट घरानों का करोड़ों रुपये कर्जा माफ करने तथा टैक्स में लाखों करोड़ रुपये की रियायत देने के लिए पैसा है, लेकिन आशा वर्कर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और 24 हजार न्यूनतम वेतन देने के लिए पैसा नहीं है। सभा के बाद आशा वर्कर बारिश में नारेबाजी करते हुए सिविल सर्जन कार्यालय पर पहुंची तथा वहां प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सीटू की राष्ट्रीय सचिव एआर सिंधु व जिला प्रधान निरंतर पाराशर ने पहुंचकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। आशा वर्कर यूनियन की प्रधान हेमलता ने कहा कि 2018 के बाद काम लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मानदेय में एक पैसे की बढ़ोतरी नहीं हुई है। आशा वर्कर के मानदेय और प्रोत्साहन राशियों को महंगाई के साथ जोड़ने, ईएसआई व ईपीएफ, सेवानिवृति फायदे व सामाजिक सुरक्षा लाभ देने आदि मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों के नहीं माना गया तो आंदोलन बड़े स्तर पर किया जाएगा। प्रदर्शन को आशा वर्कर यूनियन की उपप्रधान सुशीला चौधरी , रेखा शर्मा, सहसचिव शाहीन परवीन, चंद्रप्रभा, माया, नीलम जोशी आदि ने संबोधित किया।
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आंगनबाड़ी वर्कर्स काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया-
आंगनबाड़ी वर्करों ने सोमवार को काले कपड़े पहनकर उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने सोमवार को काला दिवस के रूप में मनाया। उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करने से पहले आंगनबाड़ी वर्कर्स काले कपड़े पहनकर राजस्थान भवन के सामने एकत्रित हुईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंची। बाद में अपनी मांगों के संदर्भ में नगराधीश को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन की जिला प्रधान देविंद्री शर्मा व सचिव मालवती ने किया। प्रदर्शन में सेंट्रल आफ इंडियन ट्रेड यूनियन की राष्ट्रीय सचिव कामरेड एआर सिंधु, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा, सीटू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर, महासचिव वीरेंद्र डंगवाल,सकसं के जिला प्रधान करतार सिंह व सचिव युद्धवीर सिंह खत्री भी मौजूद रहे। यूनियन की नेताओं ने कहा कि बाल वाटिका व नई शिक्षा नीति 2020 का आंगनबाड़ी केंद्रों पर बहुत ही दुष्प्रभाव पड़ेगा। सरकार व महिला एवं बाल विकास विभाग को मजबूत करने की बजाय आंगनबाड़ी केंद्रो को बंद करने की ओर कदम बढ़ा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रो का 2-2 साल से किराया नहीं दिया जा रहा है। दिसंबर 2022 से केंद्र का जो मानदेय है वह भी नहीं मिल रहा है।
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