चिकित्सकों ने दी सतर्क रहने की सलाह
फरीदाबाद। गर्मी और बरसात के बाद बढ़ी उमस लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। जिले में डिहाइड्रेशन और त्वचा संबंधी बीमारियों के मामलों में लगातार सामने आ रहे हैं। बीके अस्पताल में प्रतिदिन कई मरीज पानी की कमी, कमजोरी, एलर्जी और त्वचा संक्रमण जैसी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों ने लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बीके अस्पताल में प्रतिदिन 5 से 7 मरीज डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। शरीर में पानी की कमी के कारण लोगों को कमजोरी, चक्कर आना, थकान और सिरदर्द जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती उमस के कारण पसीना अधिक निकलने से शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी हो रही है, जिससे यह समस्या बढ़ रही है।
25 से 30 मरीज एलर्जी और खुजली के पहुंच रहे
इसके अलावा त्वचा संबंधी रोगों के मामलों में भी इजाफा हुआ है। अस्पताल में रोजाना करीब 25 से 30 मरीज एलर्जी, खुजली, घमौरियां और पसीने के कारण होने वाले त्वचा संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डीएस राठी का कहना है कि लंबे समय तक पसीना त्वचा पर बने रहने और साफ-सफाई में लापरवाही के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
शरीर में तरल पदार्थों की कमी न होने दें
बीके अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मोहित अग्रवाल ने बताया कि गर्मी और उमस वाले मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और शरीर में तरल पदार्थों की कमी नहीं होने देनी चाहिए। इसके लिए नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और अन्य पेय पदार्थों का सेवन लाभकारी हो सकता है।
हल्के और सूती कपड़े पहनें
उन्होंने सलाह दी कि धूप में निकलने से बचें, हल्के और सूती कपड़े पहनें और त्वचा को साफ और सूखा रखें। किसी भी प्रकार की कमजोरी, चक्कर, लगातार खुजली या त्वचा पर दाने होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।