फरीदाबाद। आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह करने के बाद न्यायालय से सुरक्षा की गुहार लगाने वाले एक दंपती पर यह दाव उल्टा पड़ गया। न्यायालय ने सुरक्षा की गुहार लगाने वाले युवक के खिलाफ ही फर्जीवाडे़ का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट के आदेश पर आरोपी को हिरासत में भी ले लिया गया। हालांकि, जमानत पेश करने पर उसे छोड़ दिया गया।
जिला न्यायालय के लीगल सेल से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी सागर पुत्र देवराज निवासी बुडेना फरीदाबाद ने जिला न्यायाधीश दीपक गुप्ता के न्यायालय मेें झूठा शपथ पत्र दिया था। शपथ पत्र में आरोपी ने न्यायालय को बताया कि उसने अपनी मर्जी से बागपत की रहने वाली एक युवती प्रियंका उर्फ गुलशन से आर्य समाज मंदिर में शादी की है। घर वाले इस शादी के लिए राजी नहीं हैं। इससे उनकी जान को खतरा है। शपथ पत्र में आरोपी ने कहा कि यह उसकी पहली शादी है। इस पर न्यायालय ने दंपती को सुरक्षा देकर उनके माता-पिता को समन भेजकर 23 सितंबर को न्यायालय में हाजिर होने के लिए कहा।
उधर, सागर की पहली पत्नी प्रियंका उर्फ तान्या को जब उसकी दूसरी शादी का पता चला तो उसने न्यायालय में एतराज जताया। प्रियंका ने कोर्ट को बताया कि उसकी शादी के बाद सास दहेज में कार व पैसे न लाने पर प्रताड़ित करती थी। इसी कारण उसे घर से निकाल दिया गया था। ऐसे में वह अपने मायके रह रही थी। 31 अगस्त 2019 को वॉट्सएप पर एक वीडियो क्लिप मिला। इसमें उसका पति किसी युवती के साथ मंदिर में शादी कर रहा है। इसका विरोध जताने पर उन्होंने जान से मारने की धमकी दी।
इधर, सागर के खिलाफ बागपत में युवती के पिता ने बहला फुसलाकर ले जाने का मामला दर्ज कराया था। शादीशुदा होते हुए भी न्यायालय के समक्ष झूठे शपथ पत्र देने के मामले में आरोपी सागर को हिरासत में ले लिया गया। एसीजेएम सुनील कुमार की कोर्ट में आरोपी को पेश किया गया। यहां से उसे जमानत दे दी गई।