पूछताछ में अरुण चौधरी ने खुलासा किया कि चक्की में एक बेंच में कील ठोकने के लिए अब्दुल रहमान एक पत्थर अंदर लाया था। कील ठोककर उसने वो पत्थर वहीं छोड़ दिया था। इसी पत्थर को हथियार बनाकर हत्या के लिए अरुण ने रख लिया। फिर रविवार 8 फरवरी की देर रात पत्थर से वार कर उसने अब्दुल रहमान की हत्या कर दी।
आरोपी से पूछताछ में ये भी पता चला कि कुख्यात व घोर अपराध में शामिल होने के चलते चक्की में बंद तीनों अरुण चौधरी, अब्दुल रहमान व सोएब रियाज को नीमका जेल में शुरू से चक्की में रखा जा रहा था। समय-समय पर ऐसे आरोपियों की चक्की भी बदली की जाती है। 23 जनवरी को चक्की में बदलाव हुआ तो ये तीनों एक चक्की में बंद किए गए थे।
हत्या की वारदात के दौरान इस चक्की में एक अन्य बंदी सोएब रियाज भी मौजूद था। सोएब रियाज जम्मू कश्मीर का रहने वाला है। इसके खिलाफ सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी का एक केस दर्ज है। सोएब को मार्च 2025 में जम्मू कश्मीर की जेल से फरीदाबाद की नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था।