सात से 23 फरवरी तक लगेगा 38 वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अरावली की वादियों में लगने वाले 38वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की तैयारी पर्यटन विभाग ने शुरू कर दी है। अगले वर्ष यह मेला सूरजकुंड परिसर में सात से 23 फरवरी तक लगाया जाएगा। इस बार मेले में सात देश बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड सदस्य हैं। ऐसे में इस बार मेले में देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इन देशों की कला-संस्कृति का दीदार कर पाएंगे। इन देशों के शिल्पियों के हुनर को भी जानने का मौका मिलेगा। इसके अलावा मेले में तीन चौपालों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों प्रस्तुत किए जाएंगे।
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बिम्सटेक से जुड़े देशों ने दी सहमति
पर्यटन विभाग की ओर से नया प्रयोग किया गया है। बिम्सटेक से जुड़े सदस्य देश मेले में भागीदारी के लिए सहमत हो गए है। इस बार मेले में सात देशों की संस्कृति का दीदार करने का मौका मिलेगा। बिम्सटेक सात देशों का एक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग संगठन है। इसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड सदस्य हैं। मेले में देश-विदेश के शिल्पी भाग लेंगे। मेले से बिम्सटेक के जुड़ने के साथ ही सूरजकुंड परिसर में तैयारी शुरू की गई है।
मध्यप्रदेश या राजस्थान में से कोई एक होगा थीम स्टेट
मेले के नोडल अधिकारी यूएस भारद्वाज ने बताया कि थीम स्टेट के बारे में निर्णय अगले सप्ताह तक ले लिया जाएगा। पिछले वर्ष फरवरी में आयोजित किए गए 37वें सूरजकुंड मेले में तंजानिया पार्टनर कंट्री तथा थीम स्टेट गुजरात रहा था। इस बार अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में मध्य प्रदेश और राजस्थान में से किसी एक राज्य के थीम स्टेट बनने की उम्मीद है।
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मेले में इस बार बनेंगे 1100 से अधिक स्टॉल
इसके अलावा मेले में 1100 से अधिक स्टॉल (हट) तैयार किए जा रहे हैं। वीआईपी गेट के पास पहले से ही कई स्टॉल तैयार हैं। आमतौर पर यहीं थीम स्टेट जोन बनाया जाता है।
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बड़ी चौपाल पर होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस बार मेले में दिल्ली गेट के पास बड़ी चौपाल पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। एक चौपाल वीआईपी गेट के पास है और दूसरी छत्तीसगढ़ गेट के पास मौजूद है। ऐसे में मेले में तीन चौपालों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पहले केवल दो ही चौपालों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे।