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Faridabad News: पुरुष नसबंदी को लेकर उदासीनता, एक साल में सिर्फ 11 ने अपनाया विकल्प

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परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता बढ़ाने और पुरुषों की भागीदारी सुनिश्चित करने के सरकारी प्रयास जिले में असरदार साबित नहीं हो रहे

1,599 महिलाओं की नलबंदी हुई अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच

राहुल राज

फरीदाबाद। परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता बढ़ाने और पुरुषों की भागीदारी सुनिश्चित करने के सरकारी प्रयास जिले में असरदार साबित नहीं हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के अनुसार अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच जिले में केवल 11 पुरुषों ने नसबंदी कराई है। वहीं इसी अवधि में 1,599 महिलाओं की नलबंदी हुई है। यह आंकड़ा दिखाता है कि परिवार नियोजन की जिम्मेदारी आज भी पूरी तरह महिलाओं के कंधों पर ही है।

बीके अस्पताल के डॉ. एके यादव के अनुसार, पुरुष नसबंदी (एनएसवी) एक सुरक्षित, सरल और कम समय में पूरी होने वाली प्रक्रिया है। इसमें अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती रहने की जरूरत नहीं होती है। व्यक्ति जल्द सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है। इसके बावजूद समाज में फैली भ्रांतियां, जागरूकता की कमी और पारंपरिक सोच के कारण पुरुष इस प्रक्रिया से दूरी बनाए हुए हैं।
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वहीं महिलाएं प्रसव के बाद या अलग से ऑपरेशन कराकर परिवार नियोजन का विकल्प अपनाने को मजबूर होती हैं जिससे उन्हें अधिक शारीरिक जोखिम और परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरों में भी पुरुष नसबंदी को लेकर कई गलत धारणाएं प्रचलित हैं।



किसी प्रकार की शारीरिक कमजोरी नहीं आती : डॉ. यादव
डॉ. एके यादव ने बताया कि पुरुष नसबंदी पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया है। नसबंदी के बाद किसी प्रकार की शारीरिक कमजोरी नहीं आती है। उन्होंने लोगों से भ्रांतियों से बाहर निकलकर परिवार नियोजन में पुरुषों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। डॉ. यादव ने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कॉपर-टी, कंडोम, माला-डी, अंतरा इंजेक्शन और छाया जैसे परिवार नियोजन के साधन निशुल्क उपलब्ध हैं। पात्र दंपतियों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।
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बीके में मनाया जा रहा जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को बीके अस्पताल में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया गया। डॉ. एके यादव ने बताया कि जिले में 18 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान बीके अस्पताल में नसबंदी और महिला नलबंदी के विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पात्र दंपतियों को परिवार नियोजन संबंधी परामर्श और सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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