45 लाख रुपये की ठगी के आरोप में एसजीएम नगर थाना में एफआईआर दर्ज
रजिस्ट्री कराने पहुंचे तो पता चला कि तीनों का एक अन्य भाई भी था, उसकी पत्नी व बेटा है जीवित
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एसजीएम नगर थाना एरिया में तीन भाईयों ने अपने मृत भाई के हिस्से को भी अपना बताकर साझे के प्लॉट को बेचने के लिए एग्रीमेंट कर लिया। इसके लिए 45 लाख रुपये भी ले लिए गए। लेकिन रजिस्ट्री के दौरान चौथे भाई का नाम सामने आया तो बोले कि उसका कोई वारिस नहीं है तो वो हिस्सा भी अब हमारा ही है। शिकायतकर्ता को पता चला कि मृतक की पत्नी व बेटा उसके वारिस हैं। अब आरोपी रुपये भी वापस नहीं कर रहे हैं और तीन भाइयों में से एक अन्य की भी मौत हो चुकी है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि एसजीएम नगर थाने में ठगी की एफआईआर दर्ज कर टीम जांच कर रही है।
पुलिस को ये शिकायत सैनिक कॉलोनी निवासी चंदर प्रकाश ने दी है। इनका कहना है कि वे अपने परिचित दलजीत सिंह के साथ मिलकर मकान खरीदना चाहते थे। एनआईटी जी ब्लॉक में मकान खरीदने का एग्रीमेंट तीन भाइयों सत्यपाल आहूजा, ज्ञान चंद आहूजा व राजिंदर कुमार के साथ 25 फरवरी 2023 को किया था। 45 लाख रुपये इन तीनों को दिए थे। तीनों लोगों ने लक्ष्मी आहूजा के सामने आश्वासन दिया की मकान के पूर्ण मालिक यही लोग हैं। समझौते में भी इस बात का उल्लेख किया गया। लक्ष्मी आहूजा ने बतौर गवाह समझौते पर हस्ताक्षर किए। लेकिन रजिस्ट्री के समय पर पता चला कि प्रॉपर्टी में इन तीनों के अलावा इनका चौथा भाई भी हिस्सेदार है जिसकी मौत हो चुकी है।
आरोप है कि तीनों ने कहा कि भाई ने शादी नहीं की थी और ऐसे में उनका हिस्सा भी अब इनका ही है। लेकिन शिकायतकर्ता को पता चला कि इनका मृतक भाई शादीशुदा था और उसकी पत्नी व बेटा है। आरोप है कि आरोपियों ने एक अन्य हिस्सेदार होने की बात छिपाकर उन्हें गुमराह किया और झूठ बोलकर 45 लाख रुपये ले लिए। जब पीड़ित ने अपने दिए हुए पैसे वापस मांगे तो आरोपी पैसे देने से इंकार कर रहे हैं। अब पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है।