जेसी बोस विवि में विद्यार्थियों को मिला व्यावहारिक मंत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सामाजिक क्षेत्र में कॅरिअर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए केवल अकादमिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। समुदाय की जरूरतों को समझने से लेकर किसी सामाजिक परियोजना को जमीन पर उतारने तक संचार, नेतृत्व, टीमवर्क और समस्या समाधान जैसे कौशल अहम भूमिका निभाते हैं।
जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित एनजीओ कार्यप्रणाली एवं कौशल विकास विषयक व्याख्यान में विद्यार्थियों को इसी व्यावहारिक पक्ष से रूबरू कराया गया। विश्वविद्यालय में यह कार्यक्रम संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग के बीए सोशल वर्क के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता विवेक गौतम ने एनजीओ के कामकाज की पूरी प्रक्रिया को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक परियोजना की शुरुआत समुदाय की वास्तविक जरूरतों के आकलन से होती है। इसके बाद परियोजना निर्माण, संसाधन जुटाना, फंडिंग, क्रियान्वयन, निगरानी, दस्तावेजीकरण, मूल्यांकन और रिपोर्ट तैयार करने जैसे चरण आते हैं।
गौतम ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रभावी सामाजिक कार्यकर्ता बनने के लिए संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, आलोचनात्मक चिंतन, समय प्रबंधन, निर्णय क्षमता और सहानुभूति को लगातार विकसित करना जरूरी है। उन्होंने फील्ड वर्क, प्रशिक्षण और कार्यशालाओं में सक्रिय भागीदारी की सलाह दी। विभागाध्यक्ष प्रो. पवन सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को एनजीओ की कार्यप्रणाली के साथ सामाजिक कार्य की व्यावसायिक नैतिकता और जरूरी कौशलों की गहरी समझ होना आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नरेंद्र ढुल ने किया। डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान को फील्ड वर्क से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।