मृतक की पत्नी ने कहा, समय पर इलाज मिल जाता तो बच जाती जान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एसजीएम नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक प्राइवेट कंपनी के मालिक और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण 47 वर्षीय कर्मचारी की मौत का आरोप लगाया गया है। मृतक की पत्नी का आरोप है कि गुरुग्राम में ड्यूटी के दौरान उनके पति की तबीयत खराब हुई थी, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने समय पर उनका सही इलाज नहीं कराया, जिसके कारण उनकी जान चली गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी बबीता के बयान और प्राथमिक जांच के आधार पर एसजीएम नगर थाने में आरोपी कंपनी मालिक व कर्मचारियों के खिलाफ धारा 106(1) (लापरवाही के कारण मौत) और 3(5) बीएनएस के तहत 26 मई को प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
ओल्ड फरीदाबाद के संत नगर निवासी बबीता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पति चमन (47) मथुरा रोड स्थित अरविन्द इंजीनियर्स प्राइवेट कम्पनी में काम करते थे। 25 मई को सुबह करीब 8:30 बजे वे रोजाना की तरह ड्यूटी पर गए थे। बाद में बबीता को पता चला कि उनके पति कंपनी के ही किसी काम से अपने दो अन्य साथियों के साथ गुरुग्राम गए हुए हैं। दोपहर करीब 3:46 बजे चमन के साथ काम करने वाले दयाराम नामक कर्मचारी ने फोन कर बबीता को सूचना दी कि उनके पति की तबीयत अचानक बहुत खराब हो गई है और वे उन्हें वहीं अस्पताल में दाखिल करवा रहे हैं। कुछ समय बाद बबीता को दोबारा सूचित किया गया कि उनके पति चमन को फरीदाबाद के एनआईटी-3 स्थित ईएसआई अस्पताल में दाखिल कराया गया है। जब बबीता अपने परिजनों के साथ अस्पताल पहुंची, तो वहां डॉक्टरों ने चमन को पहले ही मृत घोषित कर दिया था।
पीड़ित पत्नी बबीता ने सीधे तौर पर कंपनी के मालिक और सूचना देने वाले कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि कंपनी प्रबंधन और मौके पर मौजूद साथियों ने वक्त रहते उनके पति को सही समय पर इलाज दिलवाया होता, तो आज उनके पति की जान बच सकती थी। समय पर अस्पताल न ले जाने की लापरवाही के कारण ही उनके पति की मौत हुई है।